15 मिनट में मिलने वाली ई- रजिस्ट्री नहीं मिली 35 दिन में
ई-रजिस्ट्री को लेकर पक्षकार एवं सर्विस प्रोवाइडर परेशान
राजेश शुक्ला | सोहागपुर
एक अगस्त 2015 से शासन ने चालू की ई-संपदा और ई-रजिस्ट्री अब लोगों की परेशानी का कारण बन गई है। भले ही शासन ने पारदर्शिता एवं सुविधा के लिए व्यवस्था लागू की हो लेकिन यह व्यवस्था तकनीकी खामियों के चलते क्रेता एवं विक्रेता सहित सर्विस प्रोवाइडरों के लिए मुसीबत बन गई है। शासन ई-संपदा के माध्यम से 15 मिनट में रजिस्ट्री का प्रिंट निकालने का दावा कर रहा हो। लेकिन वास्तविकता इससे इतर है। ई-रजिस्ट्री को लेकर एक पक्षकार परेशान है जिसने रजिस्ट्री 30 दिसंबर को कराई थी। उसने भूमि की कीमत तथा पंजीयन शुल्क जमा कर दिया। लेकिन रजिस्ट्री में आज भी दस्तावेज नंबर जनरेट नहीं हो रहा है। इस कारण रजिस्ट्री (शून्य) की स्थिति में है। इस समस्या से सर्विस प्रोवाइडर भी परेशान है। सर्विस प्रोवाइडर राजेंद्र दुबे ने बताया 15 मिनट में मिलने वाली ई-रजिस्ट्री 35 दिन बाद भी नहीं मिली है। रजिस्ट्री में विक्रेता राजकुमार पिता वीरेंद्र पटेल गलचा एवं क्रेता वंदना माहेश्वरी पति विनोद माहेश्वरी शोभापुर हैं। ई-रजिस्ट्री का प्रिंट तो निकल रहा है, लेकिन दस्तावेज नंबर जनरेट नहीं होने से रजिस्ट्री मूल्यवान नहीं है।
दूसरे सर्विस प्रोवाइडर श्रीमती लता शर्मा ने बताया मुडियाखेड़ा के विक्रेता बड्डेलाल बरकरे ने भूमि की ई-रजिस्ट्री क्रेता महेश भल्लावी नया कूकरा के पक्ष में 3 फरवरी को की थी। रजिस्ट्री का प्रिंट निकला तब पता चला कि प्रोसेस एवं प्रिंटआउट में पंजीयन फीस की रसीद शून्य दिखा रही है। इस कारण ई-रजिस्ट्री वैद्य नहीं मानी जा सकती। पंजीयन प्रमाण-पत्र के विवरण में भी पंजीयन शुल्क शून्य लिखा है। इस ई-रजिस्ट्री से क्रेता-विक्रेता दोनों संतुष्ट नहीं हैं। त्रुटि की शिकायत ई-संपदा की हेल्पलाइन पर की जा चुकी है। निराकरण नहीं होने से पक्षकार पंजीयन कार्यालय तथा सर्विस प्रोवाइडर के चक्कर काट रहे हैं।
जिस रजिस्ट्री में दस्तावेज नंबर प्रिंट नहीं हो रहा। उसकी शिकायत ई-संपदा हेल्पलाइन पर 31 दिसंबर को ही कर दी गई थी। उसके बाद रिमाइंडर भी भेजे गए हैं। निराकरण नहीं हुआ है। राजेश मुगेर, उपपंजीयक सोहागपुर
लाइट जाने के बाद महिनों नहीं मिलता रजिस्ट्री का प्रिंट
ई-संपदा की प्रक्रिया में लाइट एवं सर्वर का खासा महत्व है। उपपंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री के लिए न तो इनवर्टर है और न ही जनरेटर की व्यवस्था है। जिसके कारण रजिस्ट्री का प्रिंट लेते समय यदि लाइट चली जाती है तो प्रिंट अटक जाता है। इस समस्या की संपदा हेल्पलाइन पर शिकायत करने के एक डेढ़ माह बाद ही पूरा प्रिंट मिल पाता है। सर्वर डाउन एवं स्पीड की समस्या से उपपंजीयक कार्यालय के ऑपरेटर एवं अधिकारी परेशान हैं। दरअसल स्वान नेटवर्क के टावर पर एक से अधिक कनेक्शन होने से स्पीड नहीं मिल पाती। जिसके चलते दस्तावेज जनरेट एवं अपलोड होने में दिक्कत आती हैं और मिनटों के काम में घंटों लग जाते हैं। इस बारे में स्वान नेटवर्क के सहायक प्रबंधक अनुराग तिवारी से बात की तो उनका कहना था व्यवस्था में सुधार किया है। गुरुवार को नेटवर्क के इंजीनियर आए थे और ई-रजिस्ट्री कार्यालय की अलग से व्यवस्था कर दी गई है।