इंदौर. शहर में सफाई के संसाधनों की स्थिति अत्यधिक खराब है। भास्कर के स्वच्छ इंदौर अभियान में हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश पर शनिवार से शुरू हुए वार्ड 65 के विशेष सफाई अभियान में कुछ ऐसी ही स्थिति सामने आई। सपना-संगीता रोड, भंवरकुआं, सिंधी कॉलोनी और खातीवाला टैंक से लगी 15 कॉलोनियों व चार प्रमुख मार्गों के इस वार्ड में कचरा पेटी मात्र 5 हैं।
यहां लोग बैकलाइन में कचरा फेंकते हैं। विशेष सफाई में 25 टन कचरा निकला। सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी द्वारा एक वार्ड की सफाई के सुझाव के बाद यहां सुबह से स्वास्थ्य विभाग का अमला तो दिखा लेकिन लापरवाही भी सामने आई।
कोडवानी के मुताबिक सामान्य दिनों में वार्ड से साढ़े 11 टन घरेलू और डेढ़ टन कमर्शियल कचरा निकलता है जो शनिवार को 25 टन से ज्यादा निकला। जनकार्य विभाग का अमला मांगा था, लेकिन नहीं मिला। 8 जेसीबी, 24 डंपर नहीं लगे।
टॉस्क फोर्स भी कब आया और क्या किया, इसकी अकाउंटेबिलिटी नहीं है। इसके चलते जो मलबा उठना था, वह नहीं उठ पाया।
11 बगीचे, 5 प्रमुख डिवाइडर भी शामिल
वार्ड में 11 बगीचे हैं। सफाई में इन बगीचों और सड़क के 5 डिवाइडर को भी शामिल किया गया है, ताकि गंदगी कहीं भी न मिले। वार्ड की डिवाइडर वाली प्रमुख सड़कों में माणिकबाग का कुछ हिस्सा, भंवरकुआं, सपना-संगीता रोड, माणिकबाग ब्रिज शामिल है।