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PIX: स्कूल में हुई 4 साल के मासूम की मौत, बस के पहिए ने थाम लीं सांसे

7 वर्ष पहले
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(पोस्टमार्टम के बाद शव को अस्पताल से घर ले जाते परिजन।)
इंदौर. चार साल का मासूम उज्ज्वल सोनी। छत्रीबाग सांई मंदिर के पास श्री बीडी तोषनीवाल माहेश्वरी बाल मंदिर में नर्सरी का छात्र। सोमवार सुबह 8.45 बजे क्लास में जाने के लिए बस से उतरा और दोस्त से बात करते-करते परिसर में ही खड़ी दूसरी बस के सामने पहुंच गया। अचानक ड्राइवर ने बस आगे बढ़ाई... और एक चीख निकली..। बस का अगला पहिया उज्ज्वल पर चढ़ गया। ऑटो से नजदीक के प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया , जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इधर बच्चों को स्कूल छोड़कर लौट रहे अभिभावक हादसे की खबर मिलते ही फिर स्कूल पहुंचे। तब तक यह पता नहीं चला था कि जो बच्चा बस की चपेट में आया उसका नाम क्या है। हंगामा हुआ। उज्ज्वल के पिता नरेश सोनी को खबर मिली तो वे सीधे अस्पताल पहुंचे। बेटे की हालत देख जड़वत हो गए। बियाबानी के सुदर्शना टॉवर में रहने वाले नरेश का एंटिक कुंदन ज्वेलरी का काम है। उनका बड़ा बेटा धीरज भी इसी स्कूल में पढ़ता है।
काश! जिम्मेदारों ने सतर्कता बरती होती...
> स्कूल परिसर में बच्चों के बस से उतरते-चढ़ते वक्त स्कूल स्टॉफ द्वारा नजर रखी जाना चाहिए , लेकिन सोमवार को स्कूल में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी।
> बस के ड्राइवर ने बताया कि कंडक्टर और बाई चाय पीने चले गए थे, स्टॉफ भी नहीं था। अकसर ऐसा होता है।
जांच कर रहे हैं

स्कूल में छोटे बच्चों को बस से उतारने और स्कूल बिल्डिंग में ले जाने के दौरान क्या-क्या सुरक्षा बंदोबस्त होने चाहिए, इनका कितना पालन किया जा रहा था, इसकी भी जांच कर रहे हैं। - आर डी कानवा, टीआई छत्रीपुरा
चेहरे से कपड़ा हटाने की नहीं हुई हिम्मत... रो पड़ी मां
जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद उज्ज्वल के शव को घर लाया गया लेकिन शव की स्थिति देख लोगों ने आग्रह किया कि चेहरे से कपड़ा नहीं हटाएं। इस वजह से मां अपने बेटे के अंतिम दर्शन भी नहीं कर सकी। रो-रोकर मां के बुरे हाल थे। 15 मिनट बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए कार से ले जाया गया।
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