रतलाम. शहर के चांदनी चौक में एक शख्स के दोनों हाथों की आठ अंगुलियों व दोनों अंगूठों में एक करोड़ से अधिक की 52 अंगूठियां चमकती हैं। उनके अजब-गजब शौक ने उन्हें अलग ही पहचान दिला दी। सोमवार को जैन संत राजेशमुनिजी अभिग्रह का पारणा (भोजन) करने निकले थे।
मुनिश्री का एक संकल्प था कि वे पारणा तभी करेंगे जब कोई शख्स आठ अंगुलियों और दाेनों अंगूठों में अंगूठियां पहने मिलेगा। उन्हें चांदनी चौक में ज्वेलर्स महेश
सोनी के हाथों में यह अंगूठियां दिखीं और मुनिजी के अभिग्रह का एक संकल्प पूरा हुआ।
शौक ने दिलाई शोहरत
सोनी ने 12 साल पहले शौक ही शौक में दोनों हाथों की आठ अंगुलियों व दोनों अंगूठोें में सोने की अंगूठियां पहनी थीं। अनजाने में ही मिली शोहरत के चलते अंगूठियों की संख्या बढ़ती गई। अभी उन्होंने आठों अंगुलियों व दोनों अंगूठों में कुल 52 अंगूठियां पहन रखी हैं। इसके अलावा बाएं हाथ में सोने का ब्रेसलेट व गले में सोने का हार भी पहनते हैं।वे 24 घंटे इन्हें पहने रखते हैं।
हीरे व नवरत्न : अंगूठियों में अनमोल हीरे से लेकर पुखराज, मूंगा, गोमेद, माणक व नवरत्न जड़े हैं। महेश ने चांदी की अंगूठियां भी पहनी हैं। पहली बार देखने पर अंगूठियों को गिनना भी मुश्किल है।
एक करोड़ से अधिक के आभूषण : महेश के हाथ में आधा किलो वजनी सोने का ब्रेसलेट, गले में आधा किलो वजनी हार, करीब आधा किलो सोने की अंगूठियां व लाखों के हीरे इनमें जड़े हैं। इनकी कीमत एक करोड़ रुपए से ज्यादा है।
महेश को इन चीजों का भी शौक
पुराने डाक टिकटों का संग्रह। अब तक 5 हजार टिकटों का कलेक्शन बनाया।
> खाली माचिस बॉक्स का संग्रह। चीता फाइट से लेकर डोडा तक के बॉक्स का कलेक्शन।
> तंबाकू नहीं खाते, लेकिन पाउच के रैपर का कलेक्शन।
> रशिया, नेपाल, भूटान आदि देशों की मुद्राएं व पुराने सिक्कों का संग्रह।
> मिस प्रिंट व डेमेज नोट का भी कलेक्शन।
> 1111, 2222, 3333 अंकों की सीरीज वाले नोटों का संग्रह।
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