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5 माह में 5 ग्रीन कॉरिडोर, अंगदान से 14 लोगों को मिला जीवन

6 वर्ष पहले
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इंदौर. देश में देहदान में अव्वल इंदौर अब अंगदान में भी आगे बढ़ रहा है। यहां बीते पांच माह में रिकॉर्ड 5 ग्रीन कॉरिडोर बने, जिससे 14 लोगों को जीवन मिला। प्रशासन की पहल, लोगों की इच्छाशक्ति, संस्थाओं की सक्रियता और प्रक्रिया के सरलीकरण से यह संभव हो पाया है।
बेहतर मैनेजमेंट के चलते ब्रेन डेड पेशेंट के अंगों को दिल्ली-मुंबई नियमित फ्लाइट से ही भेजा गया है। शहर में पहला ग्रीन कॉरिडोर 7 अक्टूबर 2015 को बना था। गांव बलवाड़ी के गरीब परिवार ने मिसाल पेश की थी। एक्सीडेंट में जख्मी रामेश्वर के बचने की उम्मीद खत्म होने के बाद बड़े भाई भगवानदास ने उसके अंग दान करने का संकल्प लिया। लिवर और दो किडनियों से तीन लोगों को जीवन मिला। आंखों ने दो लोगों को रोशनी दी। इससे इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन और मुस्कान ग्रुप के आत्मविश्वास को भी ऊंचाई मिली। उन्होंने ब्रेन डेड मरीज के परिवारों को अंगदान का महत्व समझाया।
इंटर स्टेट कैडेवर आर्गन डोनेशन में इंदौर सबसे आगे
इंदौर इंटर स्टेट कैडेवर आर्गन डोनेशन के मामले में शीर्ष पर आ गया है। हालांकि चेन्नई सबसे आगे है। चेन्नई, दिल्ली या मुंबई से दूसरे राज्यों में अंग नहीं भेजे जाते हैं। प्रत्यारोपण की सुविधा होने से लिवर और हार्ट सहित अन्य अंग वहीं के मरीजों के काम आ जाते हैं।
अंगदान में इसलिए आगे बढ़ रहा है इंदौर
प्रशासन ने अंगदान के लिए सोसायटी का गठन किया। वेब साइटwww.organdonationindore.org बनाई। इससे अंगदान करने वाले और अंग लेने वाले रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। शहर के 10 बड़े अस्पताल स्वेच्छा से जुड़े हैं। अस्पतालों में डॉक्टरों ने काउंसलिंग सेंटर तक बना दिए हैं।
नया जीवन देने वाले ये 5 ग्रीन कॉरिडोर...
7 अक्टूबर
खरगोन के ब्रेन डेड मरीज रामेश्वर खेड़े (40) के परिवार ने किडनी, लिवर, त्वचा व आंखें दान की। लिवर गुड़गांव के मेदांता अस्पताल भेजा गया । किडनी दो मरीजों के ट्रांसप्लांट हुई।
8 नवंबर
ब्रेन हेमरेज के बाद रमेश असरानी (59) को ब्रेन डेड घोषित किया था। लिवर मेदांता अस्पताल को भेजा गया। किडनी इंदौर के अस्पतालोंं में भर्ती मरीजों को दी गई।
3 जनवरी
इंदौर की 20 साल की सोनिया के हार्ट और लिवर के लिए शहर में दो ग्रीन कॉरिडोर बने। हार्ट के लिए कॉरिडोर बना जो मुंबई भेजा गया। लिवर दिल्ली के एक इंस्टिट्यूट को भेजा गया। पहली बार एक साथ तीन राज्यों में ग्रीन कॉरिडोर बने।
22 जनवरी
12 साल के दर्शन का एक्सीडेंट हो गया था। दर्शन को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। परिवार ने कैडेवर आर्गन डोनेशन के लिए सहमति दी। लिवर दिल्ली भेजा गया। किडनी इंदौर के अस्पतालों को भेजी गई।
09 फरवरी
मस्तिष्क में रक्तस्राव के बाद महिदपुर (उज्जैन) विश्वास के अंगदान के लिए कॉरिडोर बनाया। लिवर गुड़गांव के मेदांता अस्पताल भेजा । किडनी इंदौर और दिल्ली के मरीज को प्रत्यारोपित की गई।