चार्जशीट नहीं बनाई तो केस ठंडे बस्ते में चला गया
डीबी स्टार इंदौर
इंदौर और आसपास की जनता को पैसा दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपए हड़पकर भागी 12 चिटफंड कंपनियों पर पुलिस ने कलेक्टर के निर्देश पर एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन न तो चार्जशीट बनाई और न ही जांच आगे बढ़ाई। डीआईजी के निर्देश पर पुलिस अब चिटफंड एंड मनी सर्कुलेशन एक्ट में कार्रवाई करेगी। डीआईजी को इस कार्रवाई का अधिकार है।
चार्जशीट नहीं बनाई तो केस ठंडे बस्ते में चला गया
तत्कालीन कलेक्टर आकाश त्रिपाठी के निर्देश पर पुलिस ने 12 चिटफंड कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें पैसे के लेनदेन का ब्योरा है। डीबी स्टार की पड़ताल में सामने आया पुलिस ने इन मामलों में सिर्फ एफआईआर दर्ज की है। उसने मामले में चार्जशीट नहीं बनाई, जिससे केस आगे नहीं बढ़ सका। त्रिपाठी ने पुलिस के साथ मिलकर चिटफंड कंपनियों पर त्रिस्तरीय कार्रवाई की प्लानिंग की थी। पहले कलेक्टर निक्षेपक हित संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करेंगे। दूसरे फेज में डीआईजी चिटफंड सर्कुलेशन एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराएंगे और तीसरे फेज में आरबीआई को जानकारी देकर उन कंपनियों पर कार्रवाई होगी जो पैसा दोगुना करने का लालच देती हैं। डीआईजी संतोष कुमार सिंह का कहना है, एफआईआर के बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई इसकी जांच करवा कर तुरंत चिटफंड एंड मनी सर्कुलेशन एक्ट में कार्रवाई होगी। शेष पेज 3 पर
पुलिस कंट्रोल ने लिया एक्शन तो खुली फाइल।
चिटफंड कंपनियों पर FIR के बाद जांच करना भूली पुलिस
DB Star EXCLUSIVE
कार्रवाई Âचिटफंड एंड मनी सर्कुलेशन एक्ट के तहत डीआईजी के आदेश