सीहोर में होने वाली किसानों की महारैली को सफल बनाने
सीहोर में होने वाली किसानों की महारैली को सफल बनाने के लिए प्रदेश सरकार एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने नाक नीची न हो, इसलिए ज्यादा से ज्यादा तादाद में किसानों को जुटाने की तैयारी है। इसके लिए हर जिले में आरटीओ ऑफिसों को बड़ी संख्या में वाहनों की व्यवस्था करने को कहा गया है। वैसे तो बसों का इंतजाम करने संबंधी आदेश हर जिले को जारी हुए हैं, लेकिन इंदौर में जब से प्रशासन ने इस आशय का फरमान दिया है, आरटीओ ऑफिस की हवा टाइट है। दरअसल, इंदौर आरटीओ को सीहोर रैली के लिए 500 बसों की व्यवस्था करने को कहा है। बसों की संख्या देखकर कर्मचारियों के होश फाख्ता हो गए। असल में इतनी ज्यादा गाड़ियां बगैर स्कूलों की मदद से नहीं ली जा सकतीं। चूंकि इन दिनों स्कूलों में परीक्षा पूर्व तैयारी का दौर चल रहा है, लिहाजा स्कूलों से गाड़ियों की मांग टेढ़ी खीर है। वैसे कलेक्टर साहब के आदेश के साथ तो अधिग्रहण में कोई दिक्कत नहीं है। फिर भी कर्मचारी 500 गाड़ियों के इंतजाम को अपने लिए बड़ी चुनौती मान रहे हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि अगर पहले पता होता तो कर्मचारी छुट्टी पर चले जाते। मामले को करीब से देखने वाले यह भी मानते हैं कि एक साथ इतनी गाड़ियां सीहोर की सड़कों पर खड़ी हो गईं तो बाकी गाड़ियों के लिए आने-जाने का रास्ता ही नहीं बचेगा। बहरहाल, कुछ स्कूलों से तो बात हो चुकी थी। बाकी से भी गाड़ियां जल्द मिलने की उम्मीद है। -खबरची
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सीहोर की रैली और
आरटीओ का सिरदर्द