सिटी रिपोर्टर
सिटी रिपोर्टर शहर में एक ऐसा कार्यक्रम होने जा रहा है जिसमें देशभर के नामी इंटीरियर डिज़ाइनर्स और आर्किटेक्ट्स शामिल होंगे। आईआईआईडी की ओर से हर दो साल में यह नेशनल कन्वेंशन कराया जाता है और इस बार इसे इंदौर चैप्टर होस्ट कर रहा है। हर कन्वेंशन की एक थीम होती है और अगला कन्वेंशन होने तक ये सभी डिज़ाइनर्स इसी थीम पर काम करते हैं। इस बार ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में 18 फरवरी से होने वाले तीन दिनी नेशनल कन्वेंशन की थीम है डिज़ाइन फॉर द मासेस।
आईआईआईडी की प्रगति जैन ने बताया डिज़ाइनर्स और आर्किटेक्ट्स इसमें बताएंगे कि कैसे कम बजट में भी बेहतर इंटीरियर कराया जा सकता है। मकसद है इस मानसिकता को बदलना कि इंटीरियर डिज़ाइनिंग बहुत महंगा काम है और आम आदमी इसे नहीं करा सकता। हम यह मिथ तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
जानिए इंटीरियर डिज़ाइन के बारे में ज़रूरी बातें
सबसे पहले यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि इंटीरियर डिज़ाइनर को घर में प्लास्टर होने से पहले प्लान में शामिल करें। टूटफूट से बचेंगे। दरवाज़ों की पोजीशन भी इसी स्टेज पर तय होती है।
फ्लोरिंग में कॉस्ट बचाने की काफी गुंजाइश होती है। इटैलियन मार्बल से निजात पाइए, यह महंगा पड़ता है। भारत में ही इतने अच्छे पत्थर हैं। जैसलमेर पत्थर और कोटा स्टोन विदेशों को एक्सपोर्ट किया जा रहा है।
बेड की पोजीशन, बिजली के पॉइंट ये बातें छोटी हैं लेकिन बाद में असुविधा देती हैं। ये प्लास्टर के समय ही तय हो जाए तो अच्छा। यह सुझाव इंटीरियर डिज़ाइनर ही दे सकेगा।
कॉस्ट बचाने के लिए पूरे घर के बजाय सिर्फ ड्रॉइंगरूम में लकड़ी का फर्नीचर और अन्य कमरों में मेटल या यूपीवीसी फर्नीचर रख सकते हैं।
गैस की लाइन, एयरकंडीशनर, वास्तु, सेफ्टी गैजेट्स लगवाना जैसे काम बाद की नहीं शुरुआती दौर की प्लानिंग में शामिल हों।
घर में वीओसी पेंट कराइए। हर कम्पनी ऐसा पेंट बना रही है। जिन रंगों से महक आती है। यह महक नहीं वोलेटॉइल ऑर्गनिक कंपाउंड होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होते हैं। अस्थमा और टीबी पेशेंट्स के लिए डेंजरस हैं। वीओसी पेंट सामान्य पेंट की प्राइज़ पर ही मिल जाता है।
(जैसा शहर के सीनियर इंटीरियर डिज़ाइनर मनीष कुमत ने हमें बताया)
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18 फरवरी से शहर में होगा कम बजट में डिज़ाइनिंग पर कार्यक्रम
दुनिया के जाने-माने इंटीरियर डिज़ाइनर्स पहली बार इंदौर में