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- क्रिश्चियन कॉलेज प्रदेश का पहला महाविद्यालय है। इंटरमीडिएट पढ़ाई से शुरू हुआ सिलसिला स्नातकोत्
क्रिश्चियन कॉलेज प्रदेश का पहला महाविद्यालय है। इंटरमीडिएट पढ़ाई से शुरू हुआ सिलसिला स्नातकोत्तर की पढ़ाई तक पहुंचा।
1. इंदौर में क्रिश्चियन मिशनरी का आगमन 1880 के पूर्व हो चुका था। 1887 में होलकर राज्य की ओर से उन्हें कॉलेेज और अस्पताल के लिए लगभग 20 एकड़ भूमि दान में दी गई थी। उसी वर्ष कैनेडियन मिशन कॉलेज (वर्तमान क्रिश्चियन कॉलेज) की स्थापना की गई। राज्य में स्थापित होने वाला यह पहला कॉलेज था। शुरू में इसका संचालन और नियंत्रण यूनाइटेड चर्च ऑफ इंडिया की शाखा सेंट्रल इंडिया मिशन द्वारा होता था। डॉ. जॉन विकी कॉलेज के पहले प्रधान बने।
2. 1893 तक कॉलेज में केवल इंटरमीडिएट तक ही शिक्षा देने की व्यवस्था थी, उसी वर्ष से यहां स्नातक कक्षाएं शुरू की गई हैं। 1895 में कॉलेज के मुख्य भवन का निर्माण पूरा हुआ और 22 नवंबर 1895 को भारत के गवर्नर जनरल कर्नल बर्र के एजेंट द्वारा इसका उद्घाटन किया गया। 1910 में स्नातकोत्तर कक्षाएं शुरू हुई हैं। पहले विषय के रूप में दर्शन शास्त्र में एमए की पढ़ाई शुरू हुई। इसी वर्ष यहां पर पहला महिला नामांकन भी हुआ। कॉलेज में केवल कला संकाय का ही अध्ययन होता था। कॉलेज में खेल का मैदान, दो छात्रावास तथा वाचनालय आदि भी संलग्न थे।
3. शुरू में कॉलेज की छात्र संख्या केवल 8 थी। 1887-94 तक कॉलेज के छात्रों से किसी प्रकार शिक्षण शुल्क नहीं लिया गया। दो-तीन वर्षों तक शिक्षण शुल्क लेने पर छात्रों की संख्या और घट गई। इसलिए 2 वर्ष तक शिक्षण शुल्क नहीं लेने की घोषणा की गई। 1898-99 में दोबारा शुल्क लेना शुरू किया गया, पर निर्धन को मुक्त रखा गया।
4. कॉलेज में कला संकाय व तकनीकी संकाय के तहत अध्यापन होता था। कला में आंग्ल साहित्य, इतिहास, राजनीति, प्राकृतिक विज्ञान, गणित, तर्क नैतिक दर्शन, संस्कृत तथा फारसी का अध्यापन होता था। तकनीकी क्षेत्र में ड्राइंग, सर्वे, सुतारी कार्य, धातु उत्कीर्ण तथा मुद्रणकला आदि का प्रशिक्षण दिया जाता था।
5. 1904 तक कॉलेज कोलकोता विश्वविद्यालय से संबद्ध रहा। बाद में यह इलाहाबाद विवि से संबद्ध हो गया। 1906 से यहां विज्ञान की स्नातक कक्षाएं शुरू की गईं। 1912 में यहां रोजगार के लिए विद्यार्थियों का पंजीयन शुरू हुआ और कॉलेज रोजगार कार्यालय का भी काम करने लगा।
6. 129 सालों में इतिहास में कॉलेज ने 200 से ज्यादा ऐसे छात्र दिए हैं, जिन्होंने बॉलीवुड, न्यायपालिका, राजनीति और खेल से लेकर साहित्य के क्षेत्र में अलग पहचान बनाई। इनमें किशोर कुमार, अनूप कुमार, राजसिंह डूंगरपुर, पप्पू यादव, नरेंद्र हिरवानी, मीररंजन नेगी, एन मेनन, चंद्रकांत देवताले, कृपाशंकर पटेल, विक्रम वर्मा, कैलाश विजयवर्गीय, महेश जोशी आदि शामिल हैं।
प्रकाश परांजपे, संग्रहालय अध्यक्ष पुरातत्व विभाग
6 तथ्य जो बताते हैं क्रिश्चियन कॉलेज का इतिहास
अब 2016
तब 1887
city pedia
129 साल का क्रिश्चियन कॉलेज