पहल
राजीव शर्मा इंदौर
प्रदेश में उच्च शिक्षा के लिए हर साल करीब 3.5 लाख से अधिक एडमिशन होते हैं। इनमें से आधे से ज्यादा छात्र अन्य शहरों में जाकर पढ़ाई करते हैं।
एडमिशन के बाद सबसे पहले इन्हें रहने के लिए किराए के कमरे या होस्टल की तलाश होती है। छात्रों को कई बार मन मुताबिक आवास नहीं मिलता है। कभी अधिक किराया चुकाना पड़ता है, तो कभी संस्थान से दूर आवास लेना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग निजी आवास सहायता सुविधा एप और पाेर्टल शुरू करने जा रहा है। इसके जरिये छात्रों को महज एक क्लिक में जानकारी मिलेगी कि शहर के किस एरिया में कौन सा मकान खाली है या फिर किस क्षेत्र के होस्टल में कमरा खाली है। वहां क्या-क्या सुविधाएं हैं और कितना किराया है। विभाग ने इस पोर्टल और एप के लिए काम शुरू कर दिया है। संभवत: अागामी शैक्षणिक सत्र के पहले इसे लांच कर दिया जाएगा।
दूर होगी छात्रों की आवास संबंधी समस्या
 हर साल नए एडमिशन लेने वाले अधिकांश छात्रों को किराए के आवास या होस्टल की जरूरत रहती है। इसके लिए पोर्टल पर काम चल रहा है। विभाग के नए पोर्टल या एप से उनकी यह परेशानी दूर हो जाएगी।  उमाकांत उमराव, आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग
मकान मालिक को विभाग के पोर्टल पर कराना होगा मकान का रजिस्ट्रेशन
किराए से कमरा या मकान देने के इच्छुक मकान मालिकों को विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद आवास का पुलिस वेरिफिकेशन कराने के साथ ही यह भी देखा जाएगा, मकान मालिक के दावे के अनुसार वहां सुविधाएं हैं भी या नहीं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवास की जानकारी पोर्टल पर डाली जाएगी। पोर्टल पर सर्च करने के बाद स्टूडेंट्स को यह जानकारी उपलब्ध हो जाएगी।
ऐसे काम करेगा पोर्टल
पोर्टल पर प्रदेश के हर शहर के बारे में जानकारी रहेगी। जरूरत के मुताबिक शहर और क्षेत्र का चयन करने पर छात्र को वहां उपलब्ध किराए के कमरे, होस्टल या मकान की जानकारी मिल जाएगी। इसके साथ ही उसका किराया, सुविधाएं और शैक्षणिक संस्थान से दूरी आदि की जानकारी भी रहेगी। कमरा या होस्टल पसंद आने पर छात्र सीधे मकान मालिक से संपर्क कर आवास किराए से लेने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
DB STAR CONCERN
प्रदेश में सुविधा पोर्टल दिलाएगा छात्रों को पसंदीदा आवास