वाहन डीलर्स को चेतावनी- पैसा जमा करें, वरना शोरूम पर लगेगा ताला
वाहन खरीदते समय ही ग्राहक से नगर निगम का परिवहन शुल्क लेने वाले कई डीलर्स अब भी निगम को यह राशि देने को तैयार नहीं हैं। अब निगम ऐसे डीलर्स के शोरूम सील करने की कार्रवाई करेगा। सभी डीलर्स को इसके लिए अंतिम चेतावनी दे दी है। निगम को इन डीलर्स से 12 करोड़ से ज्यादा की राशि वसूलना है।
एआईसीटीएसएल कार्यालय में निगम अपर आयुक्त देवेंद्रसिंह ने ऐसे सभी डीलर्स को बुलाकर स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी हाल में उपभोक्ताओं से वाहनों पर लिया गया शुल्क जमा करें। सिंह ने बताया निगमायुक्त और राजस्व समिति प्रभारी सूरज कैरो द्वारा समीक्षा की गई थी, इसके बाद सभी की जांच की गई। इसमें यह तथ्य सामने आया कि कुछ डीलर्स ने निगम में टैक्स तो जमा किया, लेकिन उसकी एंट्री निगम रिकॉर्ड में नहीं हुई है। इसके लिए निगम के तीन बाबू लगाए हैं, जो प्रतिदिन दो एजेंसी में जाएंगे। वहां का रिकॉर्ड और निगम के रिकॉर्ड का मिलान कर बची राशि की बिलिंग करेंगे और हाथोहाथ चेक लेकर आएंगे। डीलर्स ने चर्चा में तर्क भी दिया कि उनकी जो गाड़ियां बाहर रजिस्टर्ड हुई हैं, उनका टैक्स यहां का नहीं बनता। इसी तरह कुछ टैक्सी परमिट की हैं, उन पर पहले ही टैक्स ले लिया जाता है, इसलिए उनका टैक्स नहीं दे सकते। सिंह ने बताया इनका समाधान किया जा रहा है।
जो न जवाब दे रहे और न टैक्स जमा कर रहे, उन पर सीधे कार्रवाई
अपर आयुक्त ने स्पष्ट कर दिया है कि नोटिस देने और पूछने के बाद भी कुछ डीलर्स न तो जवाब दे रहे हैं, न राशि जमा करवा रहे हैं। ऐसे डीलर्स के शोरूम ही अब सील किए जाएंगे। सभी को चेतावनी भी दी गई है कि वे टैक्स जमा करें। कुछ डीलर्स ने यह मुद्दा उठाया कि वर्कशॉप तो फैक्टरी एक्ट में आते हैं। इस पर भी स्पष्ट कर दिया कि आप लोग निगम अधिनियम के हिसाब से टैक्स जमा करें। किसी भी तरह की परेशानी के लिए 13 फरवरी को शिविर लगाया जाएगा। ये लोग खुद आकर यहां विवरणी भर सकेंगे।