ब्रेन डेड मरीज के लिवर, किडनियाें ने तीन लोगों को दी नई जिंदगी
पिता के नेत्रदान के लिए 3 घंटे भटके थे
शहर में मंगलवार सुबह दो बार ग्रीन कॉरिडोर बना। 41 वर्षीय ब्रेन डेड व्यक्ति का लिवर, किडनियां और आंखें दान ली गईं, जिससे तीन लोगों को नई जिंदगी मिली। इस मौके पर ब्रेन डेड व्यक्ति के पिता ने कहा कि मेरे बेटे से तीन लोगों को जिंदगी मिली, इससे अच्छा क्या हो सकता है? शरीर को राख बनाने से अच्छा है कि किसी को जीवन मिले। उन्होंने आमजन से अपील की है कि रूढ़िवादिता त्याग कर देहदान करें। यह शरीर मरने के बाद भी किसी के काम आना चाहिए। शहर में पांच महीने में यह पांचवां मौका है जब कैडेबर ऑर्गन डोनेशन (ब्रेन डेड मरीज का अंगदान) हुआ।
ब्रेन की नसों में रक्तस्राव के कारण महिदपुर के कारोबारी विश्वास पिता जवाहर दोशी को मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। सोमवार को उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया। देर रात ऑर्गन रिट्राइवल (अंग निकालने) के लिए मरीज को चोइथराम अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने मंगलवार को प्रत्यारोपण के लिए लिवर और किडनियां निकालीं। ये किडनियां इंदौर ऑर्गन डोनेशन सोसायटी में दर्ज मरीजों की वेटिंग लिस्ट के आधार पर दी गईं।
विश्वास दोशी, जिनका अंगदान किया गया।
शरद गर्ग, जिन्हें एक किडनी ट्रांसप्लांट की गई।
7.54 मिनट में एयरपोर्ट पहुंचाया लिवर
चोइथराम हॉस्पिटल में सुबह 7.51 बजे लिवर को एम्बुलेंस में रखा, जो 7.54 मिनट में एयरपोर्ट पहुंचा दिया। इसके बाद प्लेन से दिल्ली रवाना किया। वहां ग्रीन कॉरिडोर बनाकर यह लिवर गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल तक पहुंचा।
विश्वास के पिता जवाहर दोशी ने कहा अंगदान के लिए उनका परिवार शुरू से जागरूक है। 1993 में पिता का निधन चोइथराम हॉस्पिटल में हो गया था। तब उनकी आंखेंं दान करने का फैसला किया। उस समय सुविधा नहीं होने से वह तीन घंटे भटके थे। बाद में पिता का शव लेकर गीता भवन ले गए। तब जाकर नेत्रदान हुआ। उनकी मां का भी नेत्रदान किया गया था। अब बेटे के अंगदान की जानकारी उन्होंने प|ी और बहू को दी तो उन्होंने सहर्ष स्वीकृति दी।
10 साल से डायलिसिस पर था
इधर, ग्रेटर कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती शरद गर्ग निवासी नंदा नगर को किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए 8.17 बजे चोइथराम हॉस्पिटल से वहां तक दूसरा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। गर्ग की किडनी सात साल से खराब थी। एक किडनी चोइथराम अस्पताल में 35 साल के युवक को लगाई गई। यह युवक 10 साल से डायलिसिस पर था।