सस्पेंड अधिकारी की 2.65 करोड़ की प्रॉपर्टी राजसात करने की अर्जी
उद्यानिकी विभाग के निलंबित उप संचालक शिवदत्त पांडे की दो करोड़ 65 लाख रुपए की अनुपातहीन संपत्ति राजसात करने के लिए लोकायुक्त पुलिस ने विशेष कोर्ट में आवेदन पेश कर दिया है। इस मामले में चालान पेश होने के बाद शासन ने पांडे को सस्पेंड कर भोपाल मुख्यालय में अटैच किया है।
लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने पांडे के स्कीम 54 स्थित घर पर 11 जनवरी 2011 को छापा मारा था। वहां से तीन करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति पकड़ी थी। लोकायुक्त पुलिस 23 नवंबर 2015 को विशेष न्यायालय में चालान पेश कर चुकी है, जो विचाराधीन है। इसी दौरान लोकायुक्त एसपी अरुणकुमार मिश्रा ने पांडे की संपत्ति राजसात करने का प्रकरण विशेष न्यायालय अधिनियम 2011 के तहत विशेष न्यायालय में पेश करने की अनुमति के लिए शासन को भेजा था। शासन की उच्चाधिकारिक समिति ने अध्ययन के बाद प्रकरण पेश करने की अनुमति दी। इस पर मंगलवार को विशेष अपर सत्र न्यायाधीश अफसर जावेद खान के समक्ष लोकायुक्त डीएसपी दौलत सिंह ने संपत्ति राजसात करने का आवेदन पेश किया। कोर्ट ने अगली सुनवाई 9 मार्च को तय की है।
वेतन के रूप में मिले एक करोड़ 10 लाख
डीएसपी के मुताबिक, छापे में पांडे के यहां से करीब पौने चार करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति मिली थी। जांच में पाया कि आरोपी ने 27 साल की नौकरी में एक करोड़ 10 लाख आठ हजार 336 रुपए वेतन के रूप में प्राप्त किए। बाकी दो करोड़ 65 लाख 22 हजार 790 रुपए की कमाई अवैध रूप से की। आवेदन में कहा गया कि यह संपत्ति राजसात की जाए।
इन संपत्तियों का पता चला
साढ़े तीन लाख रुपए नकद, दो कारें।
स्कीम 54 में तीन मंजिला मकान।
हातोद के बघाना व पितावली गांव में दो बीघा जमीन।
देवास के औद्योगिक क्षेत्र में प|ी व पुत्र के नाम पर दवा फैक्टरी।
इंदौर की अपोलो स्क्वेयर बिल्डिंग में पुत्र के नाम पर दुकान।