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महिला ने आरटीओ को फोन कर कहा- मेरे भानजे को फंसा रहे लोग

5 वर्ष पहले
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फर्जी आदेश लेकर आरटीओ कार्यालय पहुंचे व्यक्ति के मामले की जांच में शुक्रवार को आरटीओ को एक महिला का फोन आया। उसने कहा- कल फर्जी आरटीओ जिस नाम से पहुंचा था वह उनके भानजे का नाम है। किसी ने उसके नाम का इस्तेमाल किया है और उन्हें बदनाम किया जा रहा है।

गुरुवार सुबह एक व्यक्ति केसरबाग रोड स्थित आरटीओ कार्यालय पहुंचा था और आरटीओ के पीए आरडी माहोर से कहा था कि वो इंदौर का नया आरटीओ है। उसने अखिलेश श्रीवास्तव नाम बताते हुए आदेश भी माहोर को दिया था। माहोर ने इसकी जानकारी स्थापना शाखा के बाबू रामेश्वर सेन को दी तो उन्होंने इस बारे में आरटीओ डॉ. एमपी सिंह को ऑर्डर की कॉपी वाट्सएप की। उन्होंने इसे विभाग के वाट्स एप ग्रुप पर सेंड किया और वल्लभ भवन से पता किया तो सामने आया ऐसा आदेश जारी ही नहीं हुआ है। इस बीच आरटीओ पहुंचा व्यक्ति यह कहता हुआ चला गया कि वो सोमवार को ज्वाइनिंग लेगा। वह सफेद कार (एमपी 20 सीडी 4061) से आया था, जो अखिलेश पिता ओपी श्रीवास्तव निवासी एचआईजी सी/46 धन्वंतरि नगर जबलपुर के नाम दर्ज है।

थाने जाने का कहा तो काट दिया फोन
आरटीओ सिंह ने बताया उनके मोबाइल पर एक महिला का फोन (9229199964) आया। उसने कहा- वह अखिलेश की मौसी है। किसी ने उसके नाम का इस्तेमाल किया है। आरटीओ बोले- वे अन्नपूर्णा थाने अखिलेश के साथ पहुंच जाएं। वे बाबू को वहां भेज देंगे। तब फोन काट दिया।

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