टॉप कंपनियों ने प्रेजेंटेशन में बताया हमारा शहर कैसे बनेगा स्मार्ट
1916 के मास्टर प्लान का रिप्रिंट लांच
इंदौर शहर के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की लांचिंग के साथ ही कई नामी कंपनियों ने नि:शुल्क नॉलेज पार्टनर बनने की मंजूरी दे दी है। हेल्थ और एजुकेशन सेक्टर के स्मार्ट सॉल्यूशन के लिए आईआईटी, आईआईएम के साथ सिम्बायोसिसस एडुकॉम, मेदांता और अपोलो ने भी हामी भरी है। इनके प्रतिनिधि भी लांचिंग के दौरान ब्रिलियंट कन्वेशन सेंटर में मौजूद थे। महापौर मालिनी गौड़ और निगमायुक्त मनीष सिंह की भी उनसे चर्चा हुई। सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि यह सभी संस्थान एजुकेशन, हेल्थ के साथ अन्य सेक्टर में भी सहयोग करने के लिए तैयार हैं। वहीं प्रेजेंटेशन में टॉप कंपनियों ने बताया कि शहर कैसे स्मार्ट बनेगा।
भाजपा ने या पीएम ने नहीं चुनी स्मार्ट सिटी
केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने कार्यक्रम में कहा कि स्मार्ट सिटी का चयन बीजेपी ने नहीं किया। सवाल उठते हैं यूपी, बिहार को छोड़ दिया। कहते हैं हम बैकवर्ड हैं। पीएम का शहर भी इसमें नहीं है। मेरा शहर भी इसमें नहीं है। वित्त मंत्री, विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री का भी शहर इसमें नहीं है। मैं स्पष्ट करना चाहूंगा, जिन्होंने बेहतर परफार्म किया, वे चुने गए। इसका क्रेडिट चुने गए शहरों की जनता को और प्रोजेक्ट को जाता है। नायडू ने कहा- मोदी के पीएम बनने के बाद भारत की ओर विश्व की निगाहे हैं। एक नई पहचान देश को मिली है। यहां आईटी, मेडिकल और एजुकेशन से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां आ रही हैं। कार्यक्रम में शहर के सभी विधायक, आईडीए अध्यक्ष, भोपाल महापौर आलोक शर्मा, नगरीय प्रशासन आयुक्त विवेक अग्रवाल, प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव, केंद्रीय मंत्रालय के ज्वॉइंट सेक्रेटरी नीरज मंडलोई, कलेक्टर पी.नरहरि, निगमायुक्त मनीष सिंह, एमआईसी सदस्य, पार्षद और सैकड़ों नागरिक, बुद्धिजीवी मौजूद थे।
छुटभैये नेता मंच पर, एमआईसी सदस्य नीचे
नगर निगम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शहर की भागीदारी कम ही नजर आई। पूरा मंच नगर निगम की बजाए भाजपा का लग रहा था। मंच पर जहां अधिकांश छुटभैये नेता दिखे, वहीं महापौर परिषद के कई सदस्यों को नीचे बैठना पड़ा।
नेचर वॉलेंटियर्स, अहिल्या लाइब्रेरी, अभ्यास मंडल और महानगर विकास परिषद द्वारा सर पेट्रिक गिडिज द्वारा बनाए गए 1916 के मास्टर प्लान के रिप्रिंट को भी लांच किया। वेंकैया ने कहा कि यह मास्टर प्लान अभिनंदनीय है। उन्होंने संस्था के भालू मोढे को इसके लिए साधुवाद भी दिया।
कलेक्टर पी. नरहरि ने कहा- इंदौर भारतीय परंपरा को सहेजने वाला शहर है। इसे उसी अंदाज में ही स्मार्ट बनाएंगे।
निगमायुक्त मनीष सिंह ने कहा-बिजनेस लीडर्स के सुझावों का वीडियो बना चुके हैं। देखकर बेस्ट आयडिया अमल में लाएंगे।
हम इंदौर आ रहे हैं, उसे समझते भी हैं
इंफोसिस के मितुल थापलियाल ने कहा कि हमारा कैंपस इंदौर आ रहा है। स्मार्ट सिटी कॉन्सेप्ट पर उन्होंने कहा इसमें सेफ्टी, सिक्यूरिटी को भी शामिल करें। स्कूल से लेकर हॉस्पिटल तक स्मार्ट हों इस दिशा में भी काम करना चाहिए।
जगन्नाथ यात्रा की तरह स्मार्ट मैनेजमेंट
आईबीएम की अंबिका खुराना ने जगन्नाथ यात्रा के स्मार्ट मैनेजमेंट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा हमारी टीम स्मार्ट तरीके से अपनी फील्ड और सोशल एक्टिविटी में काम कर रही है। आपात स्थिति में स्मार्ट मैनेंजमेंट ही काम आता है।
अन्य सेक्टर भी डायल 100 जैसी सुविधा हो
जियो स्पेटियल बिजनेस, हेक्साजोन के रीजनल हेड आशीष अरोरा ने कहा डायल 100 में जैसे रियल टाइम डेटा मिलता है, इसी तरह अन्य सेक्टर्स में भी सुविधा शुरू की जा सकती है। इससे उसके काम में स्मार्टनेस आएगी।
हेल्थ और एजुकेशन पर ध्यान जरूरी
ईएसआरआई इंडिया की डिविजनल मैनेजर सीमा जोशी ने बताया कि स्मार्ट सिटी में टाउन प्लानिंग के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष ध्यान देना होगा। इसके लिए वेस्ट प्लानिंग का अहम रोल होगा। इससे ही शहर में स्मार्टनेस आएगी।
बार्सिलोना जैसी है इंदौर की स्थिति
सिस्को के लोकेश लोहिया ने कहा कि इंदौर की स्थिति काफी हद तक स्पेन के बार्सिलोना शहर जैसी है। वहां और यहां की चुनौतियां लगभग एक जैसी हैं। जिस तरह उसे स्मार्ट सिटी बनाया गया, उस कॉन्सेप्ट को ध्यान रखना चाहिए।
कंपनियों के प्रतिनिधियों ने सुझाव ही नहीं दिए, मदद का वादा भी किया