बीएड के दो सौ छात्रों की स्कॉलरशिप शासन ने रद्द की
शहर के 45 बीएड कॉलेजों के दो सौ छात्रों की स्कॉरशिप शासन ने रद्द कर दी है। ये वे छात्र हैं जिन्होंने ग्रेजुएशन के बाद दो साल गैप के बाद बीएड में दाखिला लिया। दरअसल जब से बीएड का कोर्स दो साल का हुआ है उसमें कुछ नए नियम आ गए हैं। जिसमें एक नियम यह भी है। अब इन छात्रों के सामने परीक्षा में बैठने का भी संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि ये छात्र स्कॉलरशिप से ही कॉलेज की फीस भरते हैं। हालांकि जो छात्र फीस भरेंगे वह परीक्षा में बैठ सकेंगे।
गौरतलब है कि कि बीएड कोर्स दो साल का होने से पहले ही कॉलेजों में 45 फीसदी से कम एडमिशन हुए हैं। अब दो सौ छात्र और मुश्किल में फंस गए हैं। बीएड की सालाना फीस करीब 35 हजार रुपए है। इन्होंने अभी तक अपनी फीस नहीं भरी है। उधर, यूनिवर्सिटी मार्च के अंतिम सप्ताह में परीक्षा करवाने की तैयारी में है। इसी माह फॉर्म जमा होंगे। बीएड के सभी कॉलेजों को एफिलिएशन भी दी जा चुकी है। वहीं, स्कॉलरशिप से वंचित छात्र कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
कॉलेजों ने कहा- ऐसे में तो संचालन करना मुश्किल होगा
स्कॉलरशिप रिजेक्ट हाेने के बाद कॉलेजों के एसोसिएशन ने कहा कि ऐसे में कॉलेज का संचालन करना मुश्किल हो जाएगा। पहले ही ज्यादातर कॉलेजों की 50 फीसदी सीटें खाली हैं। अगर इन छात्रों की फीस जमा नहीं हुई तो दिक्कत होगी। एसेसिएशन के प्रवक्ता अवधेश दवे और रवि भदौरिया ने कहा कि मामले में शासन से चर्चा करेंगे, ताकि कोई रास्ता निकल सके।
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