पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • जितेंद्र कुमार जयंत, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी ( पश्चिम रेलवे)

जितेंद्र कुमार जयंत, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी ( पश्चिम रेलवे)

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सीधी बात
डीबी स्टार ने सुरक्षा के मद्देनजर पड़ताल की तो ऐसे ही हालात ट्रेक के भी नज़र आए। स्टेशन से सिर्फ डेढ़ किलोमीटर दूरी पर भी ऐसे ही हालात मिले। राजकुमार ओवर ब्रिज के नीचे के हिस्से में (होप मिल वाले रोड पर) सीधे ट्रेक पर पहुंचा जा सकता है। यहां पर एक हिस्से मेें दीवार है,जबकि दूसरा हिस्सा खुला हुआ है। स्कूली छात्र से लेकर साइकिल सवार पटरी उलांघते दिखाई देते हैं। लोग साइकिल से ट्रेक पर घूमते नजर आते हैं।

इंदौर डीबी स्टार

इंदौर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के लिहाज से इंतजाम अधूरे हैं। यहां बंद पड़े फूड प्लाजा का उपयोग स्टेशन में आवाजाही के लिए हो रहा है। यही स्थिति सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रही है। यहां से प्लेटफॉर्म नंबर चार पर सीधे प्रवेश किया जा सकता है। जबकि इसके लिए स्टेशन का महारानी रोड वाला हिस्सा निर्धारित है। फूड प्लाजा का हिस्सा थोड़ा आगे चलकर शास्त्री मार्केट की ओर खुलता है। चूंकि यह व्यापारिक क्षेत्र है इसलिए इस ओर से सामान आसानी से अंदर-बाहर किया जाता है। मॉनिटरिंग के अभाव में कौन सा सामान स्टेशन तक पहुंच रहा है यह भी स्पष्ट नहीं है। यह स्थिति स्टेशन के लिए खतरे से खाली नहीं है।

क्यों बनी यह स्थिति

पश्चिम रेलवे ने यात्रियों के खान-पान की सुविधा के लिए फूड प्लाजा की योजना बनाई थी। इसके संचालन का ठेका कमसम कंपनी को दिया गया। कंपनी के देश भर में 50 से अधिक आउटलेट हैं। इसलिए उम्मीद थी कि कंपनी फूड प्लाजा को बेहतर तरीके से चला सकेगी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। अार्थिक नुकसान की वजह से सालभर में ही कंपनी वापस लौट गई। इसके चलते डेढ़ महीने पहले फूड प्लाजा पूरी तरह बंद करना पड़ा। प्लाजा बंद होने से यहां पर स्थान रिक्त हो गया। अब रेलवे की जिम्मेदारी बनती थी कि वह समय रहते यहां पर दीवार का निर्माण करवा लेता। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

हादसों से भी सबक नहीं ले रहा रेल प्रशासन
जुर्माने का प्रावधान है फिर भी अफसर नहीं करते हैं कार्रवाई
सिर्फ स्टेशन ही नहीं ट्रेक भी बदहाल, साइकिल से आते-जाते हैं
इंदौर डीबी स्टार

इंदौर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के लिहाज से इंतजाम अधूरे हैं। यहां बंद पड़े फूड प्लाजा का उपयोग स्टेशन में आवाजाही के लिए हो रहा है। यही स्थिति सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रही है। यहां से प्लेटफॉर्म नंबर चार पर सीधे प्रवेश किया जा सकता है। जबकि इसके लिए स्टेशन का महारानी रोड वाला हिस्सा निर्धारित है। फूड प्लाजा का हिस्सा थोड़ा आगे चलकर शास्त्री मार्केट की ओर खुलता है। चूंकि यह व्यापारिक क्षेत्र है इसलिए इस ओर से सामान आसानी से अंदर-बाहर किया जाता है। मॉनिटरिंग के अभाव में कौन सा सामान स्टेशन तक पहुंच रहा है यह भी स्पष्ट नहीं है। यह स्थिति स्टेशन के लिए खतरे से खाली नहीं है।

क्यों बनी यह स्थिति

पश्चिम रेलवे ने यात्रियों के खान-पान की सुविधा के लिए फूड प्लाजा की योजना बनाई थी। इसके संचालन का ठेका कमसम कंपनी को दिया गया। कंपनी के देश भर में 50 से अधिक आउटलेट हैं। इसलिए उम्मीद थी कि कंपनी फूड प्लाजा को बेहतर तरीके से चला सकेगी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। अार्थिक नुकसान की वजह से सालभर में ही कंपनी वापस लौट गई। इसके चलते डेढ़ महीने पहले फूड प्लाजा पूरी तरह बंद करना पड़ा। प्लाजा बंद होने से यहां पर स्थान रिक्त हो गया। अब रेलवे की जिम्मेदारी बनती थी कि वह समय रहते यहां पर दीवार का निर्माण करवा लेता। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर चार पर सुरक्षा में सेंध
लापरवाही बंद फूड प्लाजा बन गया आवाजाही का रास्ता रेलवे प्रशासन की लापरवाही ने खड़ी की चुनौती
खबरें और भी हैं...