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किसे खबर थी लबों से हंसी भी छीनेगा, ज़माना हमसे हमारी खुशी भी छीनेगा

5 वर्ष पहले
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चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

शैतानों की हुई जीत, इंसानों की हार, तभी तो नरक हुआ संसार
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सिटी रिपोर्टर गांधी हॉल में लगाए गए राष्ट्रीय पुस्तक मेले में बच्चों और युवा प्रतिभाओं को अपना टैलेंट दिखाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं भी की जा रही हैं। इसमें चित्रकला प्रतियोगिता, डांस प्रतियोगिता और कवि सम्मेलन किए गए।

राष्ट्रीय पुस्तक मेले में कवि सम्मेलन, चित्रकला और डांस प्रतियोगिता की गई
चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कल्पनाओं काे सरल आकारों और चटख रंगों में रचा। इसमें प्रियंका सोलंकी, आरुषि शुक्ल और प्रिया टाक को क्रमश : पहला, दूसरा और तीसरा पुरस्कार दिया गया। कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचना पाठ करते हुए एक से बढ़ एक शानदार रचनाएं सुनाई। इसमें कवि जुबेर बहादूर जोश ने शैतानों की हुई जीत, इंसानों की हार, तभी तो नरक हुआ संसार...गीत सुनाकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। मुकेश इंदौरी ने किसे खबर थी लबों से हंसी भी छीनेगा, ज़माना हमसे हमारी खुशी भी छीनेगा। अंधेरे जिसको मुकद्दर ने दे दिए हैं, वो सोचता है मेरी रोशनी भी छीनेगा। इशफ़ाक हुसैन ने उस वक्त मजा देता है सफ़र जब धूप जवां हो जाती है सहित अनेक रचनाओं को पेश किया। कार्यक्रम में भजन गायिका सोना जाधव ने भजन भी प्रस्तुत किए। इनके अलावा आर.डी माहौर, जितेन्द्र राज, सुरेन्द्र सिंह राजपूत ने भी अपनी रचनाएं पेश की।

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