इस बार चलते हैं झील गांव

4 वर्ष पहले
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बारिश होने के कारण शहर के आसपास के इलाके के पिकनिक स्पॉट्स अब हरियाली के कारण सुंदर हो गए हैं । हालांकि बारिश इतनी नहीं हुई है कि झरने चलने लगें लेकिन हरियाली इतनी हो गई है कि प्रकृति का सौंदर्य खासा बढ़ गया है। इसलिए जंगल की सैर कराने के लिए इस बार हम आपको ले चलते हैं एक बहुत कम जानी-पहचानी जगह झील गांव। नाम के अनुसार यहां बारिश में छोटी-छोटी झीलें बन गई हैं और इसके आसपास प्रकृति इतनी सुंदर दिखाई देती है कि लगता है आसपास हरियाली की चादर बिछ गई है। जाहिर है इस प्राकृतिक सुंदरता में कई तरह की प्रजातियों के सुंदर पक्षियों को भी निहारा जा सकता है।

आजकल युवाओं में नाइट कैम्पिंग का चलन बढ़ रहा है। झील गांव नाइट कैम्पिंग के लिए अच्छी जगह है। यह चूंकि बहुत कम जानी-पहचानी जगह है लिहाजा यहां युवा नाइट कैम्पिंग को ज्यादा एंजॉय कर सकते हैं। यह जंगली जानवरों को देखने का मौका भी मिल सकता है जो रात में पानी की तलाफ में यहां तक आते हैं। रात में चमकती इनकी आंखें रोमांचक अनुभव हो सकती हैं। यदि नाइट विज़न बायनोकुलर ले जाएं तो इन्हें देखने का आनंद दो गुना हो सकता है। इंदौर से झील गांव जाने के लिए इंदौर से खंडवा रोड पर सिमरोल होते हुए ग्वालू फाटे तक जाएं। यहां से बाएं मुड़कर 5 किलोमीटर काटकूट के जंगलों से होकर झील गांव तक पहुंचा जा सकता है। यह इंदौर से 55 किलोमीटर दूर है। यहां अपने वाहनों से जाया जा सकता है। यहां जाएं तो खाने-पीने का सामान साथ ले जाएं। लेकिन कुछ सावधानी रखना ज़रूर हैं। पहली बात यह कि यहां नहाने का दुस्साहस कतई ना करें क्योंकि यह जोखिमभरा हो सकता है। नाइट कैम्पिंग के लिए पोर्टेबल टैंट, टार्च और रस्सी ज़रूर ले जाएं और अनावश्यक शोर ना करें।

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