स्मार्ट सिटी
पहले शहर के स्मार्ट सॉल्यूशन की होगी तलाश
कलेक्टर, निगमायुक्त ने प्रदर्शनी में कंपनियों के प्रतिनिधियों से की मुलाकात
दो साल में लागू करने की मंशा
निगमायुक्त ने बताया कि हम चाहते हैं कि स्मार्ट सॉल्यूशन पहले दो साल में किसी भी हाल में लागू हो जाए। गौरतलब है कि इंदौर नगर निगम द्वारा स्मार्ट सॉल्यूशन में आईटीएस (इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम) और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) को पूरी तरह लागू करना है। इसमें ऑनलाइन सिस्टम अपनाया जाएगा। इसमें आमजन की शिकायत, हो रहे काम की जानकारी, काम होने के बाद की स्थिति और फीडबैक मोबाइल, एप और वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। यह सिस्टम पूरी तरह ऑटोमैटिक होगा।
भास्कर संवाददाता. इंदौर
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की लांचिंग के बाद उस पर अमल की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नगर निगम और प्रशासन मध्य क्षेत्र के लिए टेंडर बुलाने, कंसल्टेंट नियुक्त करने के साथ शहरभर के लिए लागू किए जाने वाले दो स्मार्ट सॉल्यूशन पर समानांतर रूप से काम करेगा। इसके तहत एसपीवी (स्पेशल परपस व्हीकल) कमेटी के चेयरमैन कलेक्टर और निगमायुक्त ने शनिवार को स्मार्ट सॉल्यूशन बताने वाली कंपनियों की प्रदर्शनी में पहुंचकर प्रोजेक्ट, प्लानिंग और उसकी तकनीकों की जानकारी ली।
दोपहर 12 बजे कलेक्टर पी. नरहरि और निगमायुक्त मनीष सिंह ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर पहुंचे और सबसे पहले सिम्बॉयोसिस और मेंदाता के अफसरों से बात की। इसके बाद सवेरा वेंचर के स्टॉल पहुंचे। कंपनी रेडीमेड इन्फ्रास्ट्रक्चर सप्लाय करती है। निगमायुक्त ने इस प्रोजेक्ट में हाउसिंग फॉर ऑल को लेकर बात की तो कलेक्टर ने शहरी क्षेत्र में कंपनी से स्मार्ट टायलेट सिस्टम का प्रोजेक्ट बनाने के लिए कहा। तय हुआ कि प्रोजेक्ट बनाकर कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ अलग चर्चा होगी। इसके बाद अधिकारियों ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर अत्याधुनिक उपकरण लेकर आई एक कंपनी के प्रतिनिधियों से चर्चा की। उक्त कंपनी के पास हाइड्रोलिक मशीन और डस्टबिन हैं। निगमायुक्त ने बताया शहर के हर जोन में इस तरह के चार मेगा डस्टबिन चाहिए। महापौर और एमआईसी से चर्चा कर इस पर आगे बात करेंगे।