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एमआर-4 : जमीन के लिए रेलवे की हां, सिंहस्थ से पहले बन जाएगी रोड

5 वर्ष पहले
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मास्टर प्लान में प्रस्तावित एमआर-4 को जमीन देने के लिए अंतत: रेलवे मुख्यालय ने हां कर दी है। एक सप्ताह में रेलवे से लिखित मंजूरी आईडीए को मिल जाएगी। इसके बाद लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन के सामने की जमीन मिल जाएगी। संभवत: सरवटे बस स्टैंड से उज्जैन रोड तक एक नई सड़क सिंहस्थ से पहले तैयार हो जाएगी।

आईडीए अध्यक्ष शंकर लालवानी और सीईओ राकेश सिंह गुरुवार को मुंबई पहुंचे। सुबह से शाम तक रेलवे के वित्त और इंजीनियरिंग विंग में दोनों अफसरों के सवालों के जवाब देते रहे। रेलवे बोर्ड ने वित्त विभाग को जमीन का मामला सौंप दिया था। जो जानकारी आईडीए ने दी थी, उसमें भागीरथपुरा क्षेत्र की गाइडलाइन 9 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर बताई थी, जबकि आईडीए बदले में जो एमआर-10 पर कुमेड़ी की जमीन दे रहा है उसकी गाइडलाइन 18 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर दिखाई गई। रेलवे अफसरों ने सवाल किया कि हमारी जमीन तो बीच शहर में है, फिर गाइडलाइन कम क्यों? इस पर चेयरमैन ने इंदौर से नक्शा और गाइडलाइन की कॉपी मेल से बुलवाई। फिर समझाया कि यह एरिया गंदी बस्ती से लगा है और अभी यहां किसी तरह का डेवलपमेंट नहीं है। दूसरी ओर सुपर कॉरिडोर पर आईडीए स्कीम का विकास कर चुका है और यहां नए डेवलपमेंट के हिसाब से रेट तय किए जाते हैं। इससे अधिकारी संतुष्ट हुए।

आईडीए ने कुमेड़ी की जो जमीन बताई, उसमें भी एक स्कीम 151 है तो दूसरी उस क्षेत्र की कॉलोनियों के हिसाब से। इस पर भी रेलवे अफसरों ने पूछा कि आपकी जमीन में भी दो गाइडलाइन हैं। फिर उन्हें गाइडलाइन निर्धारण की प्रक्रिया बताई गई। इस पर वे संतुष्ट हुए। लालवानी ने बताया कि सभी सवालों के जवाब से अफसर संतुष्ट हुए। अब सोमवार को फाइल वित्त विभाग में इंजीनियर शाखा से वापस आएगी। मंगलवार को रेलवे जीएम जमीन की मंजूरी जारी करेंगे। एक सप्ताह में हमारे पास जमीन का अधिकृत पत्र आ जाएगा।

रेलवे अफसर बोले- एक जमीन के दो रेट क्यों?
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