फर्जी आदेश लेकर आया और बोला- मैं आपका नया आरटीओ
केसरबाग आरटीओ में गुरुवार सुबह पौने ग्यारह बजे एक व्यक्ति आदेश लेकर पहुंचा और आरटीओ के पीए से कहा- मैं आपका नया आरटीओ हूं, मुझे ज्वॉइन कराओ। यह सुनते ही आरटीओ में उथल-पुथल मच गई, क्योंकि इतने बड़े बदलाव की किसी को कानोकान खबर नहीं थी।
पीए रामदास मौहर ने उन्हें अपने कक्ष में बैठाया और स्थापना विभाग के बाबू रामेश्वर सेन को जानकारी दी। बाबू ने जब आदेश देखा तो उस पर शक हुआ, क्योंकि वह विभागीय सीरीज से मेल नहीं खाता था, जब उससे कुछ सवाल पूछे तो उसके जवाब देने के बाद फर्जी आरटीओ बनकर आया अखिलेश श्रीवास्तव वहां से अभी आता हूं कहकर निकल गया। वह जिस कार से आया था वह उसी के नाम पर जबलपुर में दर्ज है। परिवहन विभाग ने अन्नपूर्णा थाने को मामले की जानकारी दे दी है और संबंधित पर प्रकरण दर्ज करने के लिए कहा है। विभाग के प्रमुख सचिव एसएन मिश्रा ने कहा कि आरटीओ बनकर आए व्यक्ति की गाड़ी की जानकारी मिल गई है। विभाग इसकी जांच कर रहा है मामला पुलिस को भी दे दिया है। जब स्थापना बाबू फर्जी आरटीओ को टटोल रहे थे, उसी दौरान पीए ने उनसे आदेश की कॉपी लेकर आरटीओ डॉ. एमपी सिंह को वाट्स एप कर दी और मामले की जानकारी दे दी। सिंह ने यह कॉपी विभागीय वाट्स एप ग्रुप पर डाल दी। इस पर परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव एसएन मिश्रा ने सिंह को बताया आदेश फर्जी है और इस तरह का कोई आदेश विभाग ने जारी नहीं किया है। उस व्यक्ति को तत्काल गिरफ्तार कराओ, लेकिन तब तक वह निकल गया।
जवाब से हो गया था शक
आदेश पर शक होने पर बाबुओं ने कुछ सवाल पूछे, जिससे तय हो गया कि वह फर्जी है। बाबू ने पूछा कि वे किस विभाग से आए हैं, आरटीओ बनकर आए व्यक्ति श्रीवास्तव ने कहा- वह महिला बाल विकास विभाग से है और प्रतिनियुक्ति पर शासन ने इंदौर आरटीओ बनाया है। इस पर शक और गहरा गया, क्योंकि शासन राजस्व विभाग वालों को ही प्रतिनियुक्ति पर आरटीओ बनाता है और आदेश की सीरीज भी विभाग की सीरीज से मेल नहीं खा रही थी।