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4 वर्ष पहले
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दिल्ली हाईकोर्ट से भी नरोत्तम को झटका
इधर, आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए बनाई गई लिस्ट में नरोत्तम के नाम के आगे भी ‘अयोग्य’ लिखा है। नरोत्तम को हाईकोर्ट से राहत की आस थी। लेकिन याचिका खारिज होने के बाद 17 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में उनके भाग लेने की उम्मीद खत्म हो गई है। हालांकि उनके पास सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता बचा है। सुप्रीम कोर्ट ने ही मिश्रा के प्रकरण को दिल्ली हाईकोर्ट को सुनने के निर्देश दिए थे, ताकि 17 जुलाई तक उनकी याचिका पर फैसला आ सके।

नरोत्तम विधायक नहीं तो मंत्री कैसे रह सकते हैं- आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा के चुनाव शून्य की याचिका हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक खारिज हो चुकी है। जब नरोत्तम मिश्रा विधायक नही रहे तो मंत्री कैसे रह सकते हैं। चुनाव आयोग के निर्णय के अनुसार वह अगले 3 साल तक चुनाव भी नही लड़ पाएगे। अतः अब वह अगले 6 माह में पुनः चुनकर नहीं आ सकते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उन्हें तत्काल बर्खास्त करें।

दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद एक दिन पहले नरोत्तम मिश्रा को छह महीने तक मंत्री बने रहने की बात कहने वाले वित्त मंत्री जयंत मलैया ने शुक्रवार को कहा कि इस बारे में संवैधानिक प्रावधानों को देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। बगैर देखे तो कुछ भी नहीं कहा जा सकता।

दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग के 23 जून को पारित आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। इसका सीधा मतलब है कि चुनाव आयोग का फैसला लागू रहना। फैसला भी उस तारीख से जिसको आदेश पारित किया गया है। यानी 23 जून से ही लागू है। इस तारीख से ही संबंधित व्यक्ति जब सदन की सदस्य ही नहीं है तो मंत्री कैसे रह सकता है। -विवेक तन्खा, वरिष्ठ अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट

मुख्यमंत्री मौन तोड़ें - अजय सिंह

नेता प्रतिपक्षअजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कहा है की वे मंत्री नरोत्तम मिश्रा के मामले में अपना मौन तोड़े और चुनाव आयोग इसके बाद दिल्ली हाइकोर्ट के स्पष्ट निर्णय के बाद तत्काल उनसे इस्तीफा लें। सिंह ने कहा की अनैतिक हथकंडो से चुनाव जीतने का भाजपा से जुड़े विधायक का तीसरा मामला है जो यह बताता है की भाजपा कोई भी चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से नहीं बल्कि हथकंडों से जीतती है।

दो लाख की रिश्वत में पकड़ाया चावला करोड़पति...
चावला के पास सड़क परियोजना इकाई के जीएम के नाते इंदौर व उज्जैन संभाग का चार्ज था। सेट साइट इंजीनियरिंग कंपनी की शिकायत पर टीम ने उसे एमआईजी कॉलोनी स्थित सड़क परियोजना इकाई के ऑफिस से दो लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। गुरुवार शाम उसे पकड़े जाने के बाद रात नौ बजे महालक्ष्मी नगर के पास सनसिटी स्थित उसके घर ले जाया गया था। रात 9.30 बजे बेनामी संपत्ति की तलाशी और पड़ताल की कार्रवाई शुरू की, जो शुक्रवार सुबह नौ बजे तक चली।

क्या और कहां संपत्ति मिली

सनसिटी में दो प्लाॅट जोड़कर 1500 वर्गफीट पर बना दो माले का आलीशान बंगला (वर्तमान आवास), कीमत लगभग 75 लाख रुपए। 90 लाख रुपए कीमत की 23 एफडी। एक किलो सोने के जेवर, कीमत 29 लाख रुपए। 12 लाख 80 हजार रुपए की बीमा पालिसियां। दो प्लॉट, जिसमें एक लसूड़िया क्षेत्र की साकार सिटी में 4,000 वर्गफीट का और सांवेर रोड पर दिव्य विहार कॉलोनी (अरंडिया) में 1150 वर्गफीट का दूसरा प्लाॅट। घर की इन्वेंट्री (यानि टीवी, फ्रीज, फर्नीचर आदि सामान) कीमत 45 लाख रुपए। 2 लाख 90 हजार रुपए नकद। दो कारें- एक टोयोटा इटीओस व दूसरी स्विफ्ट। एक दो पहिया वाहन। महंगी शराब की तीन बोतलें।

माल्या को भारत लाने के बाद सुनाएंगे सजा...
उन्होंने कहा कि आरोपी की गैरहाजिरी में सजा सुनाना सही नहीं होगा। प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी होने तक अदालत फैसला टाल दे। कोर्ट ने यह दलील मंजूर कर ली। बता दें कि 9 मई को सुप्रीम कोर्ट ने माल्या को अवमानना का दोषी माना था, क्योंकि उसने संपत्ति का पूरा ब्योरा नहीं दिया था। शुक्रवार को तय फैसला होना था कि माल्या को कितनी सजा दी जाए।

भारत में ऐसा कुछ नहीं जो याद आए- भारत में मेरे लिए याद करने लायक कुछ नहीं है। मेरे परिवार के सदस्य या तो इंग्लैंड में रह रहे हैं या अमेरिका में। भारत में तो कोई रहता ही नहीं। मेरे सभी सौतेले भाई-बहन भी ब्रिटिश नागरिक हैं। परिवार के नजरिए से कुछ भी याद करने लायक नहीं है। वैसे भी मुझे लंदन का माहौल काफी पसंद आ रहा है। रोज मेहमानों से मिलता हूं और मजे कर रहा हूं। अपनी मेहनत के फल का आनंद ले रहा हूं। तरह-तरह के खेलों का लुत्फ उठाता हूं। - विजय माल्या

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