सिटी रिपोर्टर
री-साइकलिंग : प्रकृति की हर प्रक्रिया में चीजों के पुन:उपयोग दिखाई पड़ता है। वसंत में पेड़ों से गिरने वाले फूलों के परागकण और फलों के बीज नया सृजन करते हैं। प्रकृति के इस दर्शन का उपयोग व्यापार के साथ सामूहिक गतिविधियों में किया जाना चाहिए और हम आईआईएम में ऐसा कर भी रहे हैं।
कॉम्पीटिशन और कोऑपरेशन : प्रकृति ने सभी जीवों में प्रतिस्पर्धा के साथ सहकारिता का गुण दिया है। वसंत के आगमन के साथ ही सभी प्राणियों की दिनचर्या में भी परिवर्तन आता है। जो प्रतिस्पर्धा और सहकार सिखाता है। जंगल में विचरण करने
सिटी रिपोर्टर माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी यानि वसंत पंचमी। प्रकृति में परिवर्तन की शुरुआत का दिन। ये परिवर्तन सुंदर तो होते ही हैं लेकिन साथ ही देते हैं कुछ सबक। सिखाते हैं जीवन के कुछ फलसफे। देते हैं मैनेजमेंट की सीख। प्रबंध शिखर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट इंदौर के डायरेक्टर प्रोफेसर ऋषिकेश टी. कृष्णन बता रहे हैं वे लर्निंग्स जो प्रकृति देती है और मैनेजमेंट में इनकी खास अहमियत है।
बैलेंस : प्रकृति ने मनुष्य को कई उपहार दे रखें हैं, लेकिन उनकी उपलब्धता में कमाल का संतुलन भी है। वसंत में हल्की ठंड और गुनगुनी धूप हमें संतुलन की सीख देती है। प्राकृतिक संसाधनों सहित अन्य चीजों का सावधानी पूर्वक उपयोग, ताकि अन्य को भी इसका लाभ मिल सके। आवश्यकता से अधिक उपयोग इनके पुनर्जीवन को बिगाड़ सकता है जो अंतत: अपूरणीय क्षति में परिवर्तित हो जाएगा।
सृजन, संतुलन और स्पर्धा का प्रबंधन भी सिखाता है वसंत
वसंत पंचमी पर आईआईएम डायरेक्टर ऋषिकेश टी. कृष्णन बता रहे हैं प्रकृति कैसे प्रबंध के गुर सिखाती है
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