नगर निगम का एचआर डिपार्टमेंट बनेगा
नगर निगम इंदौर बढ़ते शहर और बढ़ते अमले के मैनेजमेंट के लिए अब एचआर डिपार्टमेंट (ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट) खोलेगा। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर के उन शैक्षणिक संस्थानों की मदद ली जाएगी, जो एचआर के पाठ्यक्रम संचालित करते हैं। पहले चरण में सिम्बायोसिस प्रबंधन से निगम की चर्चा हो चुकी है। वे सहयोग के लिए सहमति भी दे चुके हैं। इसके अलावा निगम आईआईएम और नरसीमुंजी जैसे संस्थानों की भी मदद लेगा।
शहर का क्षेत्रफल जहां 272 वर्ग किमी हो चुका है वहीं जनसंख्या 26 लाख। वहीं निगम का अमला अभी साढ़े 12 हजार (स्थायी-अस्थायी) पर पहुंच चुका है।
महापौर मालिनी गौड़ की सिम्बायोसिस के डायरेक्टर अविनाश पाठक से चर्चा हो चुकी है। महापौर के मुताबिक हमारा उद्देश्य है निगम पूरी क्षमता से शहर हित के काम करे। इसके लिए जरूरी है स्टाफ का प्रशिक्षण और उनकी क्षमता का विकास करना। समय-समय पर शिविर लगाए जाएंगे। इसमें कर्मचारियों को पर्सनालिटी डेवलपमेंट और मोटिवेशन की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसकी प्रारंभिक जिम्मेदारी अपर आयुक्त रोहन सक्सेना को सौंपी है।
इसलिए पड़ी जरूरत
निगम के कई अधिकारी-कर्मचारी सालों से पुराने ढर्रे पर काम कर रहे हैं।
स्मार्ट सिटी, अमृत, हाउसिंग फॉर ऑल स्कीम और स्वच्छ भारत मिशन के तहत निगम को आगे और ज्यादा काम करना होंगे। ऐसे में उनकी कार्यक्षमता का विकास, प्रोत्साहन और उनके परिवारों को सुविधाएं देना भी एक उद्देश्य है।
निगम के कई कर्मचारी अभी भी ऑनलाइन काम करने में और भाषा में कमजोर हैं।