पुराने स्टाम्प हथियाकर डुप्लीकेट रजिस्ट्रियां तैयार कर बेचते थे जमीन
फर्जी कागजात बनाकर करोड़ों की जमीन लाखों में बेचने वाले गिरोह से कई नई जानकारियां क्राइम ब्रांच को मिली हैं। इनके कब्जे से पुराने स्टाम्प भी जब्त हुए हैं। इन्हीं पुराने स्टाम्प के जरिये ये पंजीयक कार्यालय की सील लगवाकर रिकॉर्ड में रखी पुरानी रजिस्ट्रियां निकलवाते थे फिर उसके आधार पर लोगों को फर्जी ढंग से जमीन बेच देते थे। गिरोह से जुड़े और लोगों का पता चला है। जल्द ही उनके नामों का खुलासा होगा। क्राइम ब्रांच को फर्जीवाड़े के कई अहम सुराग भी मिले हैं।
एएसपी क्राइम विनय पॉल ने बताया नेमी नगर निवासी महेंद्र जैन की सूचना पर टीम ने आरोपी फैजुद्दीन, नरेंद्र जैन और भुवनेश्वर सिंह (बीएस) गौतम, राकेश जगदाले, अब्दुल गनी, मोहम्मद उबेद, जोगेंद्र सिंह और कमलेश वर्मा को गिरफ्तार किया था। अब्दुल गनी से रविवार को पुरानी डेट के कई स्टाम्प जब्त किए हैं। पूछताछ में गनी ने बताया स्टाम उसे मोहम्मद खान स्टाम्प वेंडर के यहां काम करने वाले अंकुर नामक युवक ने दिए थे। अंकुर की कुछ समय पहले हादसे में मौत हो चुकी है। इन पुराने स्टाम्प को लेकर दो साल पहले गनी ने राकेश से संपर्क किया था इनका क्या उपयोग कर सकते हैं। इस पर राकेश ने अपने साथी आरोपी मनोज तंवर से मुलाकात करवाई तो मनोज ने वकील जयंत मालवी से संपर्क किया। इसके बाद आरोपियों ने ऐसी जमीनों की रैकी शुरू की जो काफी पुरानी हैं और उनके सौदे नहीं हुए। कुछ जमीनों की इन आरोपियों ने राकेश के जरिए डुप्लीकेट रजिस्ट्रियां निकलवाई और पुराने स्टाम्प में सील व फर्जी हस्ताक्षर कर उनकी एक नई रजिस्ट्री तैयार की और इस तरह से लोगों की जमीन को अपना बताकर बेचने लगे।
फर्जी रजिस्ट्री की आशंका हो तो क्राइम ब्रांच को करें शिकायत
एडिशनल एसपी विनय पॉल के अनुसार शहर में प्लाटों के फर्जी दस्तावेज और डुप्लीकेट रजिस्ट्री के प्रकरणों में उलझे पीड़ित क्राइम ब्रांच को अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। आशंका है कि जिन आरेापियों को पकड़ा गया है, उन्होंने कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की है। पूर्व और पश्चिम क्षेत्र के ज्यादातर ऐसे पीड़ित दस्तावेजों के साथ अपनी शिकायत क्राइम ब्रांच को दे सकेंगे। उनकी जांच अलग से की जाएगी।
और बढ़ सकती है आरोपियों की संख्या
एएसपी पॉल ने बताया इस गिरोह में आरोपियों के साथ काम करने वाले और भी कई लोग हैं जिनकी जानकारी क्राइम ब्रांच को मिली है। ये गिरोह इंदौर ही नहीं बल्कि आसपास के कई ग्रामीण इलाकों में भी सक्रिय रहा है। जांच के बाद आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। मंगलवार को आरोपियों को कोर्ट पेश कर और रिमांड की मांग की जाएगी।
कागज की गड्डियों पर हजार के नोट रखकर पहुंची थी टीम
एएसपी ने बताया आरोपियों के फर्जीवाड़े की सूचना पर उन्हें सबूत के साथ गिरफ्तार करने के लिए क्राइम ब्रांच के एक सदस्य को टीम ने एक महंगी कार किराये पर लेकर बिल्डर के रूप में डमी आदमी तैयार किया। फिर आरोपी नरेंद्र जैन से बड़ी जमीन खरीदने का सौदा कर कार से कई बार संपर्क किये। टीम का डमी सदस्य एक रईसजादे की तरह आरोपियों से मिलता रहा और जब आरोपियों द्वारा सूचना कर्ता महेंद्र जैन की जमीन को अपना बताकर सौदा तय करने की बात हुई तो टीम कागज के नोट पर हजार के नोट जमाकर 20 लाख कैश लेकर उसे दिखाने पहुंची तो वह तत्काल जमीन के कागजात ले आए, तभी उन्हें दबोच लिया।