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15 साल से नि:शुल्क इलाज कर रही हैं 91 साल की डॉक्टर

6 वर्ष पहले
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स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) डॉ. भक्ति यादव 91 साल की हैं। 15 साल से अपने होम क्लीनिक क्लर्क कॉलोनी में नि:शुल्क सेवाएं दे रही हैं। इससे पहले भी वह नामात्र शुल्क में इलाज करती थीं। प्रदेश के साथ गुजरात, राजस्थान से भी महिला मरीज उनके पास आती हैं। जहां आज ज्यादातर डिलीवरी सिजेरियन होती हैं, वहीं इनके पास मरीज नॉर्मल डिलीवरी की उम्मीद से आते हैं। खुद बीमार होकर भी मरीजों का इलाज करने का उनका जज्बा देखकर लेग दंग रह जाते हैं।

हाथ कांप रहे थे, फिर भी चेक किया - एक महिला को नौ महीने बाद भी डिलीवरी नहीं हो रही थी। वह परेशान थी। दूसरे डॉक्टरों के पास दिखाया तो बहुत सारी जांचें लिख दी। इसके बाद क्लर्क कॉलोनी में डॉ. यादव के पास पहुंची। उन्होंने कुछ देर चेकअप के बाद बता दिया कि महिला की डिलीवरी कब होगी। यह अकेला मामला नहीं है ऐसे ही कई महिलाओं का उपचार कर चुकी हैं।

काफी संघर्ष के बाद पहुंची मंजिल तक
गरोठ में आठवीं तक पढ़ने के बाद डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए डॉ. यादव इंदौर आई। यहां अहिल्याश्रम स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया। इसी दौरान उनके पिता की मृत्यु हो गई। इसके बाद उन्हें डॉक्टरी की पढ़ाई करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और डॉक्टर बनीं। उनके बेटे डॉ. रमन यादव बताते हैं कि उनकी मां के संघर्ष को सैल्यूट करते हैं। इस उम्र में भी उनका जुनून देखकर वह मोटिवेट होते हैं और मां की तरह बनने की कोशिश करते हैं।

मेरी इच्छा है कि आखिरी सांस तक इलाज करती रहूं
डॉ. यादव बताती हैं बचपन से ही इच्छा थी डॉक्टर बनूं और आखिरी सांस तक लोगों का इलाज करूं। सपना पूरा हुआ, डॉक्टर भी बनी। हजारों लोगों का इलाज भी किया, खूब दुआएं मिलीं। वे कहती हैं कि अब तो बहुत सुविधाएं हैं, उन्होंने तो उस दौर में डिलीवरी कराईं हैं जब लाइट नहीं होती थी। कंडील की रोशनी में बारिश, ठंड और गर्मी किसी भी सीजन में इलाज किया।

मरीजों का खाना खुद चेक करती थी
डॉ. यादव नंदलाल भंडारी मिल प्रसूति गृह में कार्यरत थीं। 1950 से उन्होंने शुरुआत की, 1978 तक सेवाएं दी। नॉर्मल डिलीवरी कराने के लिए उन्हें जाना जाता है। यही नहीं जो कठिन केस होते थे, उसमें सर्जरी भी की। वह मरीजों को मिलने वाले खाने की क्वालिटी भी खुद चेक करती थीं। अब डॉक्टर यादव के परिजन 38 साल में उन्होंने कितनी डिलीवरी की, उसका रिकॉर्ड निकलवा रहे हैं।