सिटी रिपोर्टर
सिटी रिपोर्टर वसंत पंचमी पर पीले परिधानों में शनिवार को वासंती कविताएं सुनाई गई। समिति में मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति और इंदौर लेखिका संघ के इस साझा कार्यक्रम में सरस्वती, निराला और वसंत पर कविताएं सुनाई गई। इसमें सरसों के रंग-सा, महुए की गंध-सा, एक गीत और कहो मौसमी वसंत की जैसे गीत सुनाए गए और कविताएं पढ़ी गई।
सबके जीवन में आता है वसंत
सरस्वती वंदना के बाद आशा जाकड़ ने आया है वसंत, छाया है वसंत कविता सुनाई तो अंजु कंसल ने वसंत हौले से मुस्कुराया है। रंजना फतेपुरकर ने वसंत पंचमी का वो वासंती सवेरा कविता सुनाई और प्रेमकुमारी नाहटा ने सबके जीवन में आता है वसंत कविता सुनाई। लेकिन सुधा चौहान के गीत-सरसों के रंग-सा, महुए की गंध-सा एक गीत और कहो मौसमी वसंत का बहुत सराहा गया। इसके अलावा पद्मा राजेंद्र, शहनाज़, निरूपमा नागर, संध्या जैन, रेखा अग्रवाल और शीला सालगिया ने भी कविताएं सुनाई। चंद्रसेन विराट और सदाशिव कौतुक ने भी कविताएं सुनाई। संचालन हरेराम वाजपेयी ने किया और आभार माना प्रदीप नवीन ने।
literary programme
शनिवार को समिति में वसंत पंचमी पर सरस्वती, निराला और वसंत पर सुनाई कविताएं
सरसों के रंग-सा, महुए की गंध-सा, एक गीत मौसमी वसंत का