क्रिकेट प्रेमियों से धोखाधड़ी बेनतीजा, पुलिस को साजिश नजर नहीं आई, केस होगा खत्म

4 वर्ष पहले
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इंदौर. इंदौर के होलकर स्टेडियम में 2015 हुए भारत और दक्षिण अफ्रिका के बीच क्रिकेट मैच की टिकट वितरण घोटाले की जांच बेनतीजा रही। क्राइम ब्रांच ने ही इस मामले में धोखाधड़ी और साक्ष्य छिपाने का केस दर्ज किया था और अब वही इसमें खात्मा पेश करने वाली है। अधिकारियों का तर्क है कि इतने सबूत भी नहीं हैं कि चालान पेश किया जा सके।
- बुक माय शो के खिलाफ केस दर्ज होने से लेकर खात्मे की तैयारी तक का पूरा सिलसिला नाटकीय घटनाक्रम जैसा है।
- 14 अक्टूबर 2015 को मैच के 7280 टिकट ऑन लाइन बेचे जाने थे। 9 और 10 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से ऑन लाइन बुकिंग होना थी लेकिन दोनों दिन समय से पहले शुरू हुई और कुछ मिनटों में बंद हो गई, जिससे दो हजार टिकट समय से पहले बुक हो गए।
- ये टिकट ब्लैक में दस गुना दाम पर बेचे गए। 7 लोगों पर केस दर्ज हुआ। वह भी तत्कालीन एडीजी ने क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को बुलवाकर केस दर्ज करवाया।
 
तीन बार टिकट बेचने में हुई गड़बड़ी
- 2016 में भी ऑन लाइन टिकट बेचने में गड़बड़ी हुई, पर कार्रवाई नहीं की गई। 24 सितंबर 2017 में भारत व ऑस्ट्रेलिया मैच के टिकट की ऑन लाइन बिक्री में भी गड़बड़ हुई। बाद में काउंटर से दो दिन में सभी टिकट बेच दिए गए।
 - मामले में कोर्ट में परिवाद दायर है। तुकोगंज टीआई राजकुमार यादव ने बताया कि एमपीसीए के अधिकारियों के बयान लिए जा रहे हैं। 
 
चालान लायक साक्ष्य नहीं
 बुक माय शो केस में खात्मा किया जा रहा है?

- अभी तक जांच में चालान लायक कोई साक्ष्य नहीं मिले। अब खात्मे की प्रक्रिया शुरू की गई है।
 क्यों साक्ष्य नहीं मिले?
- सभी बिंदुओं पर जांच की गई। धोखाधड़ी या साक्ष्य छिपाने का मामला नहीं बन रहा।
 फिर केस कैसे दर्ज हो गया?
- हम कुछ नहीं कह सकते। 
 - हर बार जांच में कुछ नहीं निकल रहा?
इसका बड़ा कारण व्यवस्था पुख्ता नहीं होना है। 
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