इंदौर. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की मेगा लांचिंग शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। वैंकेया ने प्रोजेक्ट को बेहतर बताते हुए कहा- कि उन्होंने पहली बार किसी शहर का प्रेजेंटेशन देखा है।
26 लाख जनसंख्या में से 6 लाख लोगों ने इसमें भागीदारी की है। यह अच्छी बात है। ऐसी ही भागीदारी आगे भी बनाए रखना जरूरी है। इंदौर को स्मार्ट बनाने के लिए कड़े निर्णय लेना होंगे। सड़कें चौड़ी करेंगे तो विरोध होगा। कहते हैं टैक्स बढ़ाया तो ‘नेता एक्स’ हो जाएगा। अब ऐसा नहीं होगा। आप सर्विस चाहते हैं तो टैक्स देना होगा।
इंदौर देगा साथ : महाजन
शहर की सांसद और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि वेंकैया ने जनता से जो भागीदारी का आह्वान किया, यह शहर भागीदारी के लिए ही जाना जाता है। जो ठान लेता है वह करता है। आज से नहीं होलकर के काल से। स्मार्ट सिटी भी इस शहर के नागरिक बनाएंगे।
नंबर वन बनाएंगे : सीएम
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि स्मार्ट सिटी पैसे से ही स्मार्ट नहीं बनेगी, आपका भाव जरूरी है। इंदौर की जनता इसे साकार करेगी। उसकी मानसिकता नहीं होगी तो नहीं बना सकते। शहर ही अर्थव्यवस्था के इंजन होते हैं, इसलिए हम गांव के साथ शहरों का भी विकास प्राथमिकता से करेंगे।
निगमायुक्त ने समझाया कॉन्सेप्ट
निगमायुक्त मनीष सिंह ने शुरुआत में देशभर से आए अलग-अलग कंपनियों के प्रतिनिधियों को स्मार्ट सिटी काे लेकर इंदौर का कॉन्सेप्ट समझाया। बताया कि कैसे इंदौर स्मार्ट सिटी बनेगा। उन्होंने बताया कि 500 करोड़ रुपए केंद्र और उतनी ही राशि राज्य शासन देगा। जल्द ही यह राशि मिलने वाली है। बाकी पैसा स्मार्ट सिटी खुद जुटाएगी। इंदौर इसके लिए तैयार है।
हमारा कैंपस आ रहा है
इंफोसिस के मितुल थापलियाल ने कहा कि हमारा कैंपस इंदौर आ रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी में सेफ्टी, सिक्यूरिटी के मुद्दे भी शामिल करना चाहिए।
बार्सिलोना जैसा है शहर
सीआईएससीओ के बिजनेस डेवलपमेंट लीडर लोकेश लोहिया ने कहा कि इंदौर की स्थिति स्पेन के बार्सिलोना शहर जैसी है। इसलिए उस कॉन्सेप्ट को भी हमें ध्यान में रखना चाहिए।
स्मार्ट मैनेजमेंट हो
आईबीएम की अंबिका खुराना ने कहा कि किसी भी तरह की आपात परिस्थिति से निपटने के लिए स्मार्ट मैनेजमेंट भी इसका हिस्सा होना चाहिए।