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ट्रक और ट्रेन की भिड़ंत, भीषण एक्सीडेंट से हवा में उड़े गैस सिलेंडर

5 वर्ष पहले
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मंदसौर/ ढोढर/ रतलाम/इंदौर. 100 की स्पीड से दौड़ रही ट्रेन के सामने अचानक ट्रक आने से भीषण एक्सीडेंट हो गया। एक्सीडेंट में ट्रेन के इंजिन में आग लग गई और ड्राइवर घायल हो गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आेखा से नाथद्वारा जाने वाली ट्रेन (19575) के इंजिन के मुख्य चालक नीमच निवासी दिनेश चतुर्वेदी (54) ने पूरी घटना बताई। उसने बताया कि रतलाम से रवाना होने के बाद ट्रेन 100 किमी प्रति घंटे से दौड़ रही थी। ढोढर क्रॉस हो गया और कचनारा से पहले ब्लाइंड टर्न वाले एरिया से ट्रैक क्रॉस करता ट्रक दिखा। हॉर्न बजाया। इमरजेंसी ब्रेक अचानक नहीं लगा सकते थे। कुछ समझते तब तक एक के बाद एक तीन धमाके हो गए। लोहे के टुकड़े उड़कर सिर और शरीर में लगे। इंजन में आग लग चुकी थी । मैं और सहायक चालक राजेंद्र अचेत हो गए। होश यहां आया। सबसे पहले डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से सवाल किया सभी यात्री तो सुरक्षित हैं ना। भगवान ही था, जिसने सबको सुरक्षित रखा, नहीं तो हादसा बहुत जोरदार था।
यह थी घटना
शनिवार रात 1 बजे बरखेड़ी फंटे पर हादसा हो गया था। ट्रेन 2.15 घंटे तक वहीं खड़ी रही। 3.16 बजे ढोढर पहुंचाया। तड़के 4.15 बजे ढोढर से रवाना किया था। दुर्घटना में चतुर्वेदी के सिर व सीने में चोट लगी है। डॉक्टर के अनुसार राइट हैंड शोल्डर के नीचे उनकी तीन पसलियां टूट गईं। सहायक चालक चित्तौड़गढ़ निवासी राजेंद्र प्रसाद शर्मा (37) को सिर में चोट आई है। 12 टांके हैं। सिटी स्कैन कराया है। जिला अस्पताल के डॉ. अजय गुलाटी ने बताया दोनों की स्थिति में सुधार है।
दोपहर 3 बजे रतलाम रैफर
रेलवे के सहायक मंडल अधिकारी चित्तौड़गढ़ आनंद मुजालकर रविवार सुबह जिला अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर गुलाटी से चालकों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। दोपहर 3 बजे दोनों को रतलाम रेलवे अस्पताल रैफर कर दिया। रात को 108 ढोढर से घायलों को मंदसौर अस्पताल लाई थी।
मौके पर ही पड़ा है ट्रक व सिलेंडर
ट्रेन-ट्रक हादसे के बाद रविवार सुबह नीमच आरपीएफ के सहायक निरीक्षक अनिल कुमार ने ढोढर पुलिस चौकी पहुंचकर फरार ट्रक चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया। रविवार दिनभर ट्रक मौके पर ट्रैक से थोड़ी दूर पड़ा रहा। सिलेंडर भी वहीं पड़े हैं। दुर्घटनाग्रस्त इंजन कचनारा में खड़ा है।
जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम
रतलाम डीआरएम मनोज शर्मा ने बताया जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम बनाई है। इनमें डिविजनल इंजीनियर वैभव सकलेचा, डिवीजनल ऑपरेटिंग मैनेजर एनआर मीणा और डिवीजनल मैकेनिकल इंजीनियर अंशुमाली कुमार शामिल हैं।
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