धार/इंदौर. हिन्दू जागरण मंच और भोज उत्सव समिति ने गुरुवार रात 10 बजे ऐलान किया कि वसंत पंचमी पर भोजशाला के बाहर पूजा की जाएगी। इससे पहले दिनभर भाजपा और प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि समिति को भीतर पूजा करने के लिए मनाते रहे लेकिन बात बनी नहीं। पूजा होगी या नमाज, बना रहा सस्पेंस...
वसंत पंचमी पर पहली बार होगी गर्भगृह से बाहर पूजा
हिंदू जागरण मंच के संयोजक गोपाल शर्मा ने बताया कि 1952 में भोज उत्सव समिति का गठन हुआ था और तब से ही वसंत पंचमी की पूजा भोजशाला के गर्भगृह में होती आई है। उधर प्रशासन पूजा औऱ नमाज दोनों कराने की तैयारी में है। एडीजी विपिन माहेश्वरी और संभागायुक्त संजय दुबे के अनुसार पूजा और नमाज दोनों निर्विवाद रूप से दोनों संपन्न हों, यह सुनिश्चित करेंगे।
इलाका छावनी में तब्दील
धार के माहौल में अजीब सी बेचैनी है। भोजशाला परिसर और आसपास का इलाका छावनी में तब्दील है। चप्पे-चप्पे पर पैरा मिलिट्री और मिलिट्री के जवान हैं। पहली बार सुरक्षाबलों की 26 कंपनियां बुलाई गई हैं। 9 हजार से ज्यादा जवान सड़कों और गलियों में डटे हुए हैं। बावजूद शुक्रवार को भोजशाला के भीतर पूजा और नमाज करवाना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
भोजशाला से वापस बुला ली सजावट की सामग्री
हिन्दू संगठन भोजशाला के गर्भगृह में अखंड पूजा करना चाहते हैं। इसके लिए दोपहर में ही हवन कुंड को लीपने के बाद अक्षत-कुमकुम चढ़ाकर शुद्ध भी कर लिया गया था। शाम को भोजशाला सजाई जाना थी। वंदनवार, मालाएं और ध्वजाओं के साथ अन्य सामग्री भी भीतर भेजी गई लेकिन सूर्यास्त से ठीक पहले भोज उत्सव समिति ने सारी सामग्री वापस बुला ली। भोपाल (सरकार) से अखंड पूजा को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण समिति ने भीतर की तैयारी रोक दी।
अभी तक हमें आश्वासन नहीं मिला कि पूजा बीच में नहीं रोकेंगे
भोज उत्सव समिति के संरक्षक विजयसिंह सिंह राठौर ने कहा कि भोजशाला के भीतर पूजा खंडित होने का अंदेशा बना हुआ है। पिछली बार भी श्रद्धालुओं के साथ पुलिस प्रशासन ने बदसलूकी करते हुए मारपीट की थी। हम अखंड पूजा करेंगे। अभी तक हमें यह आश्वासन नहीं मिला है कि पूजा को बीच में रोक नहीं जायेगा। इसलिए फिलहाल हमने निर्णय लिया है की पूजन भोजशाला के बाहर करेंगे। पूजा शुरू होने से पहले हमारी मांग मानी जाती है तो फिर भोजशाला के भीतर उत्सव के साथ पूजन और हवन होगा।
प्रशासन की तैयारी 2006 के फार्मूले वाली, यानी पूजा-नमाज दोनों
प्रशासन की तैयारी इस बार 2006 के फार्मूले के तहत पूजा और नमाज साथ-साथ करवाने की है। सूत्रों के मुताबिक भोजशाला की एक छत पर टेंट भी लगा दिया गया है। संभवतः यहीं नमाज होगी। नमाज के दौरान सरस्वती पूजन के मंत्रोच्चार की आवाज नमाजियों तक न पहुंचे इसलिए लाउडस्पीकर की आवाज बंद कर दी जाएगी। प्रशासन ने कमाल मौलाना की दरगाह के पास एक वैकल्पिक रास्ता तैयार कर रखा है। सब ठीक रहा तो इस हिस्से में नमाज पढाई जा सकती है।
पुरातत्व विभाग ने नहीं दिया जवाब, हाईकोर्ट के आदेश यथावत
हाईकोर्ट ने भोजशाला में कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर लगी याचिका पर जो निर्देश पहले दिए थे, वह यथावत रहेंगे। यानी पूजा और नमाज पुरातत्व विभाग के कार्यक्रम अनुसार होगी। इस व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर विभाग का जवाब तीन दिन में नहीं आया। याचिका अधिवक्ता मनीष यादव ने लगाई है। मुस्लिम समाज के दो व्यक्तियों ने भोजशाला में नमाज पढ़ने पर रोक की मांग की पिटिशन लगाई है, लेकिन केस सुनवाई के लिए नहीं आ पाया।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, दिनभर किस तरह रहा भोजशाला का माहौल...