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मेयर किस वर्ग का होगा, 15 अक्टूबर तक खुल जाएगी लॉटरी
एक स्थान पर जमे अफसर हटेंगे
सालोंसे एक ही जगह पदस्थ अधिकारियों के सवाल पर उन्होंने कहा- हमने राज्य शासन को एक स्तर के अधिकारियों को ट्रांसफर करने के लिए कहा है। यह भी सही है कि स्थानीय चुनाव में स्थानीय लोगों की भागीदारी रहती है, लेकिन निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रशासन चुनाव में इनकी प्रत्यक्ष ड्यूटी नहीं लगाता है।
भास्कर संवाददाता | इंदौर
नवंबरमें होने वाले नगरीय निकाय के चुनाव के लिए महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष पदों का आरक्षण 15 अक्टूबर तक हो जाएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त आर. परशुराम ने मंगलवार को इंदौर में ये संकेत दिए। नगरीय निकाय पंचायत चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने आए आयुक्त ने मीडिया से चर्चा में कहा- महापौर पद पर आरक्षण नगरीय प्रशासन विभाग करता है और इसके लिए हमने शासन को कहा है। यदि राज्य शासन मध्य अक्टूबर तक यह आरक्षण कर देता है तो भी कोई देरी नहीं होगी।
उधर, तैयारियों को लेकर हुई बैठक में जानकारी दी गई कि नगर इंदौर संभाग सहित प्रदेश के 281 नगरीय निकायों के चुनाव नवंबर में होंगे। सात नगरीय निकायों में चुनाव दिसंबर में होंगे। संभाग के धार, झाबुआ, बड़वानी जिलों में कुछ निकाय ऐसे हैं, जिनकी पांच साल की अवधि पूरी नहीं हुई है, इसलिए इनके चुनाव बाद में होंगे।
35लाख रुपए तक खर्च कर सकेगा मेयर का उम्मीदवार
परशुरामने कहा- महापौर चुनाव में खर्च की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 35 कर दी गई है। सोशल मीडिया या अन्य माध्यम से महापौर चुनाव में क्या खर्च होता है और किस तरह प्रचार होता है, इन सब पर राज्य निर्वाचन आयोग की नजर रहेगी। उन्होंने कहा- चुनाव ईवीएम से होंगे और मतदाताओं की सुविधा के लिए फोटोयुक्त मतदाता सूची वितरित की जाएगी।