आठ दिन की होगी नवरात्रि, दशहरा 3 को
फुटतालाब में इंदौर और गुजरात के कलाकार देंगे गरबों की प्रस्तुति
घटस्थापना आज| आठ दिन रहेगी गरबों की धूप, माता मंदिरों में लगेगा भक्तों का मेला, स्थानीय अवकाश का मिलेगा फायदा
शरदऋतु के साथ मां शारदे का आगमन प्रकृति में भक्ति की लौ प्रदिप्त कर देगा। गुरुवार को घटस्थापना के साथ जगह-जगह माता की शोभायात्रा निकलेगी। इसके साथ ही भक्त आठ दिनों तक माता की आराधना में रम जाएंगे। रात्रि में गरबा पंडालों में रौनक रहेगी। माता के मंदिरों पर प्रतिदिन आस्था का मेला लगेगा। सारी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। पिछले साल की तरह इस वर्ष भी घटस्थापना के दिन स्थानीय अवकाश रहेगा। घटस्थापना पर राजगढ़ नाका मित्र मंडल द्वारा चल समारोह निकाला जाएगा। इसमें नौ राज्यों के दो दर्जन से अधिक दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे। चल समारोह की शुरुआत बस स्टैंड के पीछे स्थित निजी गार्डन से होगी। नगर के मुख्य मार्गों से होता हुए शाम 7 बजे तक राजगढ़ नाके पहुंचेगा। यहां विधि-विधान से माता की स्थापना की जाएगी।
सभीजगह तैयारियां पूरी
दक्षिणेश्वरीकालिका माता मंदिर : नेहरूमार्ग स्थित शहर का सबसे प्राचीन मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र है। यहां माता की प्रतिमा दक्षिणमुखी है। देश में कोलकाता के बाद इस तरह की प्रतिमा केवल झाबुआ में है। यहां सारे कार्यक्रमों की बागडोर नवनीत कला मंडल संभाल रहा है। मंडल के संयोजक गोवर्धन मिस्त्री ने बताया प्रतिदिन माता का विशेष श्रृंगार होगा। तड़के कांकड़ आरती की जाएगी। रात में महाआरती होगी। अष्टमी के दिन हवन किया जाएगा।
अंबेमाता मंदिर : बहादुरसागर तालाब किनारे स्थित यह मंदिर भी प्राचीन मंदिरों में शुमार है। नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन यहां दर्शनार्थियों का तांता लगता है। त्रिवेणी पैनल के बैनर तले यहां प्रतिदिन गरबे होंगे। खास बात यह है कि यह आयोजन केवल महिला युवतियों के लिए रहेगा। वहीं हाउसिंग बोर्ड के माता मंदिर पर गरबों के साथ कई रंगारंग कार्यक्रम होंगे। समिति सदस्य गोपाल पंवार ने बताया नवरात्रि में माता का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। प्रतिदिन सुबह शाम को आरती होगी, जिसके बाद प्रसादी का वितरण किया जाएगा।
कालीकल्याणी धाम : उदयपुरियामें काली कल्याणी धाम पर भक्त समस्याओं के निवारण के लिए माता के दरबार में पहुंचते हैं। नवरात्रि में यहां का माहौल अलग ही होता है। काली कल्याणी धाम के