हुकमचंद मिल मजदूरों का निगम पर पलटवार
राज्यसरकार ने हुकमचंद मिल की जमीन से अपना दावा वापस लिया तो अब नगर निगम नीलामी में पेंच फंसा रहा है। निगम ने 100 करोड़ रुपए बकाया होने का हवाला देकर डीआरटी कोर्ट में आवेदन लगा रखा है कि लीज अधिकार नीलाम हों। इसी वजह से मंगलवार को एक भी फर्म, रियल इस्टेट ग्रुप या व्यापारी जमीन देखने नहीं पहुंचे। इंटक, संघर्ष समिति ने मंगलवार को महापौर और निगमायुक्त को एक खुला पत्र लिखा, जिसमें उल्लेख किया है कि नगर निगम जो सौ करोड़ रुपए बकाया बता रहा है उसका हिसाब दे कि इतना पैसा कब बकाया हो गया।
इंटक उपाध्यक्ष हरनामसिंह धालीवाल, संघर्ष समिति के नरेंद्र श्रीवंश के मुताबिक लीज रेंट और प्रॉपर्टी टैक्स ब्याज सहित भी जोड़ लिया जाए तो निगम का बकाया पांच से 10 करोड़ रुपए के बीच नहीं बनता। निगम ने नीलामी रुकवाने और खरीदारों के मन में डर बैठाने के लिहाज से आपत्ति लगाई है। इसी वजह से मंगलवार को एक भी कंपनी जमीन देखने नहीं आई। ऑनलाइन जो फॉर्म बिक रहे हैं वह भी किसी ने नहीं खरीदे हैं। 10 अक्टूबर को नीलामी होना है।