इसलिए यह आदेश लागू
इसलिए यह आदेश लागू
गतदिसंबर में इंदौर की पांच गृह निर्माण एक सहकारी संस्था के पांच सालाना चुनाव हो गए, किंतु सदस्यों को पता तक नहीं चला। सदस्यों को यह भी पता नहीं चला कि चुनाव कार्यक्रम कब घोषित हुआ, कब नामांकन पत्र दाखिल हुए, कब नाम वापस लिए गए और मतदान कब हो गया। सदस्यों की शिकायत पर राज्य निर्वाचन प्राधिकारी ने इन संस्थाओं के चुनाव निरस्त कर दोबारा चुनाव कार्यक्रम घोषित किया, दोबारा निर्वाचन अधिकारी नियुक्त हुए। इन संस्थाओं के चुनाव दोबारा हो गए, लेकिन तब भी सदस्यों को पता नहीं चला। इस कारण तो सदस्य चुनाव लड़ सके, मतदान कर सके। इससे स्पष्ट है कि चुनाव कागज पर हो जाते हैं, इसलिए राज्य सहकारिता निर्वाचन प्राधिकारी पाराशर ने उक्त आदेश जारी किए।