- Hindi News
- भोपाल से फटकार पड़ी तो आईडीए ने की कार्रवाई
भोपाल से फटकार पड़ी तो आईडीए ने की कार्रवाई
आईडीएअफसरों ने बिक चुके प्लॉट का हिस्सा फिर से बिकने के मामले में कार्रवाई करने के बजाय प्लॉट बेचने वाले होटल संचालक और खरीदने वाले बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए जाहिर सूचना प्रकाशन करवा दिया था जबकि यह काम आईडीए का है ही नहीं।
मामला कुछ इस प्रकार है आईडीए ने सयाजी होटल प्राइवेट लिमिटेड को एमआर-10 रोड पर प्लॉट नंबर एच1 आवंटित किया। इस प्लॉट की साइज करीब तीन लाख वर्गफीट है। सयाजी होटल ने इस तीन लाख वर्गफीट में से 29 हजार वर्गफीट का एक हिस्सा बेचने की कोशिश की। इसके लिए शहर के नाकोड़ा डेवलपर्स से सौदा कर रजिस्ट्री भी करवा दी जबकि नियमानुसार आईडीए के प्लॉटों का तो संयुक्तीकरण हो सकता है प्लॉट के टुकड़े विभाजन कर बेचा भी नहीं जा सकता है। डीबी स्टार की खबर के बाद इस मामले में एक सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन राठौर ने भी शिकायत की थी। आईडीए ने होटल सयाजी और नाकोड़ा डेवलपर्स की मदद करने के लिए जाहिर सूचना का प्रकाशन कर दिया। इसमें स्पष्ट लिखा है सयाजी होटल अपने प्लॉट का 29 हजार वर्गफीट का हिस्सा बेच रहा है, किसी को कोई आपत्ति हो तो 15 दिन के भीतर बताए नहीं तो प्लॉट के इस हिस्से का संयुक्तीकरण कर नाकोड़ा डेवलपर्स का नाम जोड़ दिया जाएगा।
आवासएवं पर्यावरण विभाग का नोटिस
भोपालस्थित आवास एवं पर्यावरण विभाग तक इसकी शिकायत पहुंची। उपसचिव बीएन त्रिपाठी ने आईडीए को नोटिस जारी कर प्लॉट का विभाजन कर फिर से संयुक्तीकरण का कारण पूछकर और इसे अवैधानिक बतायाा। नोटिस के बाद आईडीए में हलचल मची और ताबड़तोड़ सयाजी होटल को नोटिस जारी कर 29 हजार वर्गफीट विभाजित प्लॉट की रजिस्ट्री निरस्त करवाने के आदेश हुए।
नियमोंका किया था उल्लंघन
आवासएवं पर्यावरण विभाग के नियम अनुसार प्रदेश के किसी भी विकास प्राधिकरण से आवंटित प्लॉट को टुकड़े कर अलग-अलग नहीं बेचा जा सकता है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नियम 1975 व्ययन नियम के तहत कोई भी प्लॉट के टुकड़े कर उसे बेचा नहीं जाएगा, लेकिन आईडीए अफसरों और होटल प्रबंधन की मिलीभगत के चलते यह हो गया था।
लोकायुक्त ने शिकायतकर्ता को सयाजी होटल पर केस दर्ज होने की सूचना दी।