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छत्रीपुरा के अपराधियों की जानकारी अब किताब में

6 वर्ष पहले
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अमित सालगट|इंदौर @amit8889900922

संवेदनशीलक्षेत्रों में शामिल छत्रीपुरा के अपराधियों की जानकारी लेने के लिए पुलिस को अब पुरानी फाइलें खंगालने की जरूरत नहीं। एक किताब यह काम आसान कर देगी। इसमें पर्दे के पीछे रहकर अपराध करने वालों का जिक्र तो है ही, पुरानी घटनाओं, धर्मस्थल आमजन के उपयोग की कई जानकारियां और कॉन्टेक्ट नंबर भी हैं। 269 पेज और ‘एक नजर में...’ नाम वाली यह किताब टीआई आरडी कानवा ने चार महीनों की मेहनत के बाद 75 बिंदुओं के आधार पर तैयार की है। ऐसा प्रयोग करने वाला यह शहर का पहला थाना है।

मोबाइलके लिए डिजिटल वर्शन- किताबको डिजिटल रूप में भी तैयार किया है, ताकि नंबर या जानकारी अपडेट की जा सके। 15 एमबी की पीडीएफ फाइल में होने के कारण इसे मोबाइल में भी देखा जा सकता है। थाने का जो भी कर्मचारी एन्ड्रॉयड मोबाइल रखता है, उसके पास यह किताब है।

एटीएमगार्ड के भी नंबर- किताबमें क्षेत्र के पेट्रोल पंप, ट्रांसपोर्ट एजेंसी, हॉस्पिटल, साइबर कैफे, एटीएम के गार्ड, स्कूल, धर्मशाला आदि की जानकारी है। धर्मस्थलों के बारे में भी फोटो सहित बताया है। इसके अलावा क्षेत्र में कहां-कैसी घटना हुई थी? उसे दोबारा होने से कैसे रोका जा सकता है? यह भी बताया गया है।

इस किताब में थाने के साथ ही धर्मस्थलों की जानकारी भी है।

डेढ़ साल से ज्यादा समय से पदस्थ टीआई कानवा ने बताया भविष्य में यहां पदस्थ होने वाले थाना प्रभारियों और अन्य अधिकारियों को क्षेत्र की पूरी जानकारी किताब में मिल जाएगी। टीआई के अनुसार उन्होंने खंडवा के मुंडी थाने में तैनाती के दौरान भी ऐसी जानकारी जुटाई थी, लेकिन उसे किताब का रूप नहीं दिया था।

अच्छाकॉन्सेप्ट है- डीआईजीराकेश गुप्ता ने कहा- छत्रीपुरा टीआई द्वारा किताब तैयार करना अच्छा कॉन्सेप्ट है। उसे और उन्नत करने के लिए प्रयास करेंगे।