मेेजरमेंट में गड़बड़ी से हुए बाहर
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^जॉइनिंग नहीं
मेरीहाइट 168 सेमी है, लेकिन यूनिट में 0.5 का अंतर रहा था। मुझे जिला मेडिकल बोर्ड भेजा गया, वहां मेरी हाइट 168 सेमी आई। अधिकारी कह रहे हैं राज्य मेडिकल बोर्ड से अनुमति के बाद ही जाॅइनिंग दी जाएगी।
एमकेसिंह, फिटआरक्षक
^जल्द होंगे मेडिकल
राज्यमेडिकल बोर्ड में जिन आरक्षकों के मेडिकल में देरी हो रही है, उनका मेडिकल जल्द कराने के निर्देश दिए जाएंगे। ऐसी व्यवस्था करेंगे कि मेडिकल तय डेट के हिसाब से हो सकें।
डॉ.नवनीत मोहन कोठारी, डायरेक्टर,हेल्थ डिपार्टमेंट
^...तो जाॅइनिंगदेंगे
जोआरक्षक जिला संभाग के मेडिकल बोर्ड में अनफिट हैं उनका मेडिकल तो राज्य बोर्ड में ही किया जाएगा, लेकिन फिट आरक्षकों को भी राज्य बोर्ड भेजा जा रहा है तो ये गलत है। जॉइनिंग के आदेश देता हूं।
सुरेंद्रसिंह, डीजीपी,मप्र
वेटिंग समस्या
मेडिकलबोर्ड पहुंच रहे आरक्षक भी परेशान हैं, क्योंकि जब भी वहां पहुंचते हैं अधिकारी वेटिंग हाेने की बात कहकर बाद में आने को कह देते हैं। बोर्ड आरक्षकों को तो काेई सूचना दे रहा है और ही डेट बता रहा है।
डीबी स्टार >इंदौर/ ग्वालियर
राजेश(परिवर्तित नाम) की जिला बोर्ड में हाइट 168 सेमी चेस्ट 80-85 सेमी था। उन्हें संभागीय मेडिकल बोर्ड के लिए ग्वालियर भेजा गया। संभागीय बोर्ड में उल्टा ही हो गया। यहां चेस्ट तो 81-86 सेमी मापा गया, लेकिन हाइट 167.5 कर दी। अब राजेश का चेस्ट फिट हो गया, लेकिन हाइट से वे बाहर हाे गए। राजेश जैसे कई आवेदक गड़बड़ी के शिकार हुए हैं।
कोईनहीं जानता
भर्ती परीक्षा में कहां गड़बड़ी हो रही है, यह देखने वाला कोई नहीं है। पुलिस लाइन, जिला संभागीय मेडिकल बोर्ड के परीक्षण में अंतर रहा है, तो ये जांच का विषय है कि गड़बड़ी कहां से हो रही है। इस कारण आरक्षक नौकरी से बाहर हो ही रहे हैं, लेकिन दोषियों पर कोई आंच नहीं रही है। आरक्षक पद के लिए 168 सेंटीमीटर हाइट तथा चेस्ट की माप 81-86 सेंटीमीटर होना जरूरी है। अगर हाइट पुलिस लाइन में कम निकलती है, तो आरक्षकों को जिला संभाग बोर्ड में भेजा जाता है। यहां से पास होने पर उनको जॉइनिंग दे दी जाती है।
ऐसे चली प्रक्रिया
>अगस्त 2013 को विज्ञापन जारी किया गया।
>15 सितंबर 2013 को परीक्षा आयोजित।
>फरवरी 2014 मेें रिजल्ट के बाद फिजिकल टेस्ट शुरू