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दागी दवा कंपनियों को अब पहले ही ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा

6 वर्ष पहले
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चाचानेहरू अस्पताल के अधीक्षक डॉ. शरद थोरा का कहना कि उन्हें याद नहीं कि उन्होंने जानकारी दी थी या नहीं। मगर उन्होंने पिछले माह इसकी जानकारी विभाग के कुछ लोगों को जरूर दी है।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज की पूर्व डीन पुष्पा वर्मा ने भी स्वीकारा कि उन्हें पिछले साल इस मामले की किसी भी तरह की अधिकृत जानकारी नहीं दी गई। पूरे मामले में अब एमजीएम मेडिकल कॉलेज और एमवाय प्रशासन इस गलती को नहीं दोहराने के लिए नियमों के मुताबिक काम करने की बात कर रह हैं ताकि फिर से गड़बड़ी हो सके।

^मुझे ध्यानही नहीं कि मैंने अमानक दवा की जानकारी दी या नहीं

मुझेध्यान नहीं कि अमानक दवा की जानकारी चाचा नेहरू अस्पताल प्रबंधन ने दी या नहीं। मैंने इसकी व्यवस्थाओं संबंधित पत्र 2015 में जरूर लिखा है कि दवाओं की जांच रिपोर्ट जल्द ही आना चाहिए। इसके अलावा अमानक दवा सप्लाई कंपनियों को तत्काल बैन करना चाहिए। पुरानी बातें मुझे याद नहीं है।

डॉ.शरद थोरा, अधीक्षक,चाचा नेहरू अस्पताल, इंदौर

^अब दागीदवा कंपनियों के नाम कम्प्यूटर में फीड किए जाएंगेे

जांचमें जिन कंपनियों की अमानक दवा निकली है, सरकार उसको ब्लैक लिस्टेड करे उससे पहले ही हम कम्प्यूटर में ऐसी कंपनियों के बारे में लिखकर रख देंगे कि इनसे दवा नहीं खरीदी जाए। वहीं हम शासन को इस मामले में पत्र भी लिख रहे हैं कि मरीजों तक दवाएं पहुंचने के पहले ही उसकी जांच जल्दी से हो सके।

एडीभटनागर, अधीक्षक,एमवाय, अस्पताल

^हमसे जानकारीछिपाई गई

हमनेपिछले पांच सालों में अमानक दवाओं के उपयोग के सवाल पर संबंधित विभागों से जानकारी मांगी थी। इस मामले में चाचा नेहरू अस्पताल से मिली जानकारी में अमानक दवा की जानकारी नहीं दी गई थी। डीबी स्टार में खबरे आने के बाद हमने शासन के वरिष्ठ अफसरों से बात की। अब हम ऐसी व्यवस्था बनाने पर जोर दे रहे हैं कि इस तरह की गलती आगे से नहीं दोहराई जाए। फिर कोई जानकारी छिपा नहीं पाए।

डॉ.राहुल रोकड़े, प्रवक्ता,एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर

^मेरे कार्यकालमें कोई जानकारी नहीं आई

चाचानेहरू अस्पताल में अमानक दवा के मामले में 2013-14 मेरे पास इस तरह की कोई भी जानकारी नहीं आई थी कि यहां अमानक दवा निकली है। मुझे इसकी जानकारी अखबार में पढ़कर ही मिली है। यदि अस्पताल प्रबंधन हमें इस तरह की जानकारी लिखकर देता तो हम आवश्यक कार्रवाई करते। यह बड़ा मामला था। इसे फाइलों तक सीमित नहीं रखा जा सकता।

-डॉ.पुष्पा वर्मा, पूर्वडीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज

गलतियों का दोहराव हो सके ऐसे प्रयास किए जाएंगे