इनडोर पब्लिक प्लेस पर फ्लू का अधिक खतरा
स्वास्थ्यविभाग के आंकड़े बताते हैं कि ऐसे मरीजों की जानकारी निकाली गई, जिनकी स्वाइन फ्लू से मौत हुई और तथ्य यह निकला कि एक भी परिवार ऐसा नहीं था, जिसमें एक के बाद दूसरे सदस्य को इस फ्लू के वायरस ने चपेट में लिया हो। इंदौर में एक महीने में ही स्वाइन फ्लू से करीब 23 मौतें हुई हैं।
स्वास्थ्य विभाग में प्रमुख सचिव से लेकर जिले के अफसर तक बीमारी को रोकने के लिए रणनीति बना रहे हैं। इसके लिए उन्होंने पांच सालों में हुई मौतों का परीक्षण किया। इसमें सबसे रोचक बात निकलकर सामने आई कि जिन परिवार में जिन एक सदस्य को यह बीमारी हुई उसी परिवार में किसी भी दूसरे सदस्य को यह बीमारी नहीं हुई। जबकि इसका रोगाणु संक्रमक हैं और हवा में फैलकर दूसरों तक पहुंचता है। परीक्षण के बाद विभाग ने तय किया कि बीमारी सार्वजनिक स्थानों पर ज्यादा फैल रही है। इसलिए उसकी रोकथाम के लिए इंदौर के सभी मॉल को टारगेट किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग का अमला यहां रही भीड़ को स्वाइन फ्लू से बचने के लिए परचे बांटने के साथ ही लोगों को जागरूकता का संदेश देगा। इसमें ऐसे लोगों पर भी नजर रखी जाएगी जिसमें इस बात का बीमारी होने का अंदेशा हो।