इंदौर. आईडीएस्कीमों में प्लॉट लेकर किस्त नहीं भरने तथा लीज जमा नहीं करने से निरस्त हुए प्लॉटों को आईडीए फिर जीवित करने पर विचार कर रहा है। वह ऐसे 300 से ज्यादा केस के लिए शासन को प्रस्ताव भेजेगा।
वर्ष 2000 में आईडीए ने विभिन्न योजनाओं में व्ययन विनियम की कंडिका 24 (4) को आधार बनाते हुए आईडीए ने 800 केस में राहत ली थी। उपाध्यक्ष ललित पोरवाल ने कहा- हमारी कोशिश है इसी नियम के आधार पर 14 साल में जो केस आए हैं, उन्हें निपटाया जाए।
बेटरमेंटचार्ज पर सीएम से की बात- आईडीएअध्यक्ष शंकर लालवानी ने मुख्यमंत्री से अटके प्रस्तावों के साथ मास्टर प्लान की सड़कों को बेटरमेंट चार्ज से बनाने की अनुमति मांगी है।