- Hindi News
- चावल में निर्यात घरेलू मांग की कमी से भाव स्थिर
चावल में निर्यात घरेलू मांग की कमी से भाव स्थिर
पिछलेढाई से तीन महीने में आई फसल 1509 1121 और हाल ही आई ट्रेडिशनल बासमती की बंपर फसल बताई जा रही है। निर्यात मांग जैसी होनी चाहिए वैसी नहीं है।
घरेलू उपभोक्ता मांग की भी कमी बनी हुई है। चावल में तेजी की स्थिित होकर मंदी की स्थिति बनी हुई है। घरेलू मांग जनवरी में निकलने की उम्मीद है। ईरान और इराक की मांग भी जनवरी के मध्य तक खुलने की उम्मीद राइस मिल्स् को हैं। अभी ईरान और इराक में चावल की फसल आती है इस वजह से वहां की सरकारें आयात शुल्क जो 5% रहता है उसको बढ़ाकर 45 से 50% कर देती है। जिससे वहां के किसानों को फायदा पहुंचे। चावल व्यापारी दयालदास अजीतकुमार ने बताया फिलहाल चावल के भाव निर्यात की कमी के कारण ही स्थिर बने हुए है। जैसे ही निर्यात खुलेगा वैसे ही भाव में सुधार देखने को मिल सकता है। पिछले वर्ष 960 से 970 लाख टन की पैदावार हुई थी, जो इस वर्ष बढ़कर 995 लाख टन के आसपास हुई है। इस वजह से ही धान के भाव में पिछले वर्ष की अपेक्षा 1500 से 2000 रुपए क्विंटल की गिरावट देखने को मिली है। भाव में तेजी घरेलू निर्यात मांग पर निर्भर है। मोटे चावल में भी फसल काफी अच्छी होने से भाव में लगातार कमी हुई। पिछले एक से डेढ माह में 150 से 200 रुपए क्विंटल तक की गिरावट आई है। कुल मिलाकर चावल का भविष्य नए साल में निर्यात और घरेलू मांग पर ही निर्भर रहेगा।