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अधीक्षक पद की भारी उठापटक के पीछे बड़े कमीशन का मामला!
एमवायमें 62 सालों बाद यह पहला मौका है जब यहां सुपर स्पेश्यलिटी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत शुरुआत में ही इसका बजट 250 करोड़ रुपए बनाया गया। साथ ही इस साल एमवाय के कायाकल्प प्रोजेक्ट को भी लांच किया जा रहा है। इसका बजट भी करीब 10 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। इसके अलावा एमवाय के पुराने और उपकरणों का बजट भी करीब 35 करोड़ रुपए होता है। यानी जो भी अधीक्षक होगा उसके पास करीब 300 करोड़ रुपए के उपयोग में अहम जिम्मेदारी होगी। कुछ सालों पहले तक यहां हो रहे कामों में वरिष्ठ अफसरों को सामान्यतः 10 प्रतिशत कमीशन की बातों सामने आती रहीं है। यदि इसे सही माना जाए तो इस साल और आने वाले दो से तीन सालों में 300 करोड़ का 10 प्रतिशत ही 30 करोड़ होता है। यानी इन पदों पर बैठे लोगों का करोड़पति बनना तय है।
इनकारणों से खास बना एमवाय का अधीक्षक पद
सुपरस्पेश्यलिटी का बजट- एमवायमें सुपर स्पेश्यलिटी सेंटर खोलने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को कुछ दिनों पहले हुए एमवाय के दौरे में यह बताया गया था। उन्होंने एमवाय में सुपर स्पेश्यलिटी सेंटर बनाने के लिए नए सिरे से प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। इसके लिए इंदौर की सांसद लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी अपने स्तर पर प्रयास कर रही हैं। उम्मीद है कि यह जल्द ही हो जाएगा।
कायाकल्पप्रोजेक्ट- एमवायमें 62 साल पुरानी इमारत को नए सिरे से कायाकल्प करने के लिए इस बार प्रोजेक्ट बनाया गया है। इसके लिए करीब पांच करोड़ रुपए शासन स्तर पर और करीब पांच करोड़ रुपए जनसहयोग अन्य विकल्पों के माध्यम से लिए जाने का अनुमान हैं। इसमें बजट बढ़ाने के लिए संभागायुक्त एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन ने एमजीएम से डिग्री करने वाले पूर्व छात्रों को ई-मेल भेजकर इस कायाकल्प प्रोजेक्ट में डोनेशन देने को कहा गया है। इसमें ज्यादातर ऐसे डॉक्टर हैं जो एनआरआई हैं। उम्मीद है वे अच्छा खासा डोनेशन देंगे। कुछ की इस पर सहमति भी गई है। इस तरह से करीब 900 लोगों को मदद के लिए ई-मेल किए गए हैं।
कुछनए बजट भी- एमवायकी दशा बदलने के लिए संभागायुक्त स्तर पर नए प्रयास कर कुछ नए बजट भी एमवाय में लाए गए हैं। इसके तहत उपकरणों को खरीदने के लिए चार करोड़ रुपए चिकित्सा शिक्षा विभाग और डेढ़ करोड़ रुपए स्वास्थ्य विभाग से मिल रहे हैं। इसके अलावा पीजी