- Hindi News
- केसरबाग ब्रिज : फिर हाई कोर्ट पहुंचे रहवासी
केसरबाग ब्रिज : फिर हाई कोर्ट पहुंचे रहवासी
कॉन्ट्रेक्टरको पटरी के ऊपर वाले हिस्से में गर्डर और स्लैब बिछाना है। ब्रिज के दोनों छोर के उतार पर सीमेंटीकरण करना है। फुटपाथ किनारों पर लाइटिंग की जाना है। रंगाई, पुताई और स्लैब के बीच भराव भी होना है। ब्रिज पर पैदल चढ़ने के लिए नीचे सीढ़ियों की व्यवस्था करना है।
भास्कर संवाददाता | इंदौर
साढ़ेसात साल से बन रहा केसरबाग ओवरब्रिज हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद पूरा नहीं हो पाया है। अब रहवासियों ने कॉन्ट्रेक्टर आईडीए के अफसरों के खिलाफ अवमानना याचिका के बजाय नए सिरे से याचिका दायर की। हाई कोर्ट ने ये निर्देश देते हुआ याचिका समाप्त की थी कि किसी भी स्थिति में 30 नवंबर तक ब्रिज पूरा हो जाना चाहिए, लेकिन कॉन्ट्रेक्टर ने केसरबाग रोड पर पड़े गर्डर उठाने के सिवा ज्यादा काम नहीं किया।
संजय कामले अन्य की तरफ से एडवोकेट उमेश गजांकुश ने याचिका लगाई है। इससे पहले तत्कालीन जस्टिस शांतनु केमकर, जस्टिस मूलचंद गर्ग की डिवीजन बेंच ने आदेश दिए थे। उस समय याचिका दायर होने के बाद भी कॉन्ट्रेक्टर परेश अग्रवाल ने ज्यादा काम शुरू नहीं किया था।
सुपर कॉरिडोर आरओबी
इंदौर | सुपरकॉरिडोर के रेलवे ओवर ब्रिज में आई तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए विशेष रूप से नियुक्त आईआईटी मुंबई का जांच दल बुधवार को इंदौर आएगा। आईडीए के कार्यपालन यंत्री अनूप ढकेता के मुताबिक रेलवे पोर्शन में डाली जा रही गर्डर की स्ट्रेसिंग के दौरान फेल सैंंपल की जांच प्रो. आलोक गोयल करेंगे।