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इंदौर से रूट मिला दें तो चार दिन होगी कनेक्टिविटी

7 वर्ष पहले
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यात्रियोंकी मांग है कि उज्जयिनी एक्सप्रेस को उज्जैन के बजाय इंदौर से चलाया जाए तो इंदौर को सप्ताह में चार दिन ट्रेन मिल जाएगी, वहीं सीटें ना भरने रेलवे को हो रहा आर्थिक नुकसान भी खत्म होगा। सिंहस्थ से पहले यदि यह सुविधा मिल जाती है तो उज्जैन-हरिद्वार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। रेलवे के कर्मचारी और अधिकारी भी मानते हैं कि उज्जैन-देहरादून को इंदौर से चलाने में कोई तकनीकी अड़चन नहीं है। रेलवे बोर्ड और मंत्रालय से मंजूरी मिले तो इंदौर को एक और ट्रेन मिल सकती है।

पहलीखाली, बाद की फुल

डीबीस्टार ने दोनों ही ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता को लेकर पड़ताल की तो सामने आया कि स्लीपर क्लास और थर्ड एसी दोनों ही श्रेणियों में इंदौर-देहरादून फुल होती है तो उज्जैन-देहरादून में हालात इसके विपरीत हैं। 1 दिसंबर को किए गए सीटों के आकलन के अनुसार इंदौर-देहरादून की स्लीपर क्लास 6, 7, 13, 14, 20 और 21 दिसंबर को जाने वाली ट्रेन में क्रमश: 44, 34, 16, 7, 26 और 23 सीटों के साथ आरएसी दर्शा रही थी, वहीं थर्ड एसी में इन्हीं तारीखों में 19, 10, 15, 6, 7 और 6 सीटों के साथ जनरल वेटिंग की स्थिति थी। इसमें 3, 4, 10, 11,17 और 18 दिसंबर को स्लीपर क्लास में जहां क्रमश: 10, 64, 71, 90, 90 और 43 सीटें मौजूद थीं, वहीं थर्ड एसी में भी 3 तारीख को छोड़कर बाकी दिनों में क्रमश: 2, 4, 13, 18 और 11 सीटें थीं। कुल मिलाकर इंदौर-देहरादून जो सप्ताहांत में चलती है, में सीटें जल्द भर जाती हैं, वहीं उज्जैन-देहरादून में पहले की तारीखों में चलने पर भी सीटें फुल नहीं हो पातीं।

^रेल मंत्रालय की मंजूरी जरूरी

अगररेल मंत्रालय मंजूरी दे तो उज्जैन-देहरादून को इंदौर से चलाया जा सकता है। इसे लेकर फिलहाल कोई तकनीकी अड़चन नहीं है। अब तक इंदौर से ट्रेन चलाने के लिए कोई मांग नहीं की गई है।

जितेंद्रकुमारजयंत, वरिष्ठजनसंपर्क अधिकारी

^हमें भी लाभ मिलेगा

मैंअक्सर हरिद्वार जाता रहता हूं। यदि उज्जयिनी ट्रेन भी इंदौर से चलेगी तो हमें इसका लाभ मिलेगा। कई यात्री जनरल बोगी में सफर करते हैं उनको भी सीट की किल्लत नहीं रहेगी।

सत्येंद्रजोशी, यात्री