पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • भारतीय संस्कृति का गौरवशाली अध्याय है तर्पण : अण्णा महाराज

भारतीय संस्कृति का गौरवशाली अध्याय है तर्पण : अण्णा महाराज

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इंदौर| तर्पणअनुष्ठान श्रद्धा से की जाने वाली वह क्रिया है जो अपने पूर्वजोंं को प्रसन्न रखती है। विज्ञान ने भी इस परंपरा को स्वीकार किया है। भारतीय संस्कृति का यह गौरवशाली अध्याय है जिसके माध्यम से हम अपने दिवंगतों का शुभाशीष प्राप्त करते हैं। मृत परिजनों की आत्मा को शांति और जीवित परिजनों को समृद्धि देने का यह अनुपम अनुष्ठान है।

यह बात अखंडधाम आश्रम में श्रद्धा सुमन सेवा समिति द्वारा श्राद्ध पक्ष में आयोजित नि:शुल्क तर्पण अनुष्ठान में रविवार को अण्णा महाराज ने कही। विधायक सुदर्शन गुप्ता, म.प्र. ज्योतिष परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक, समाजसेवी श्यामसुंदर विजयवर्गीय, प्रेमस्वरूप खंडेलवाल आदि भी शामिल हुए। महामंडलेश्वर स्वामी चेतन स्वरूप के सान्निध्य एवं भागवताचार्य पं. पवन तिवारी के निर्देशन में 500 से अधिक साधकों ने तर्पण क्रिया में भाग लिया।

आचार्य वैदिक ने कहा हम सबका लक्ष्य मोक्ष है जो तर्पण से ही प्राप्त हो सकता है। श्राद्ध पक्ष में हमारे पितृदेव पृथ्वी पर आते हैं। हम सब भाग्यशाली हैं कि हमें इस सिद्ध स्थान पर पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का दुर्लभ अवसर मिल रहा है। यह आयोजन त्रिवेणी स्नान के समान है जिसमें संतों के सान्निध्य और ब्राह्मणों के मार्गदर्शन में दिवंगतों के मोक्ष का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। विज्ञान भी इस तथ्य को मानता है। प्रारंभ में आयोजन समिति की ओर से हरि अग्रवाल, राजेंद्र गर्ग ने स्वागत किया। अनुष्ठान 24 सितंबर तक सुबह 8 से 10 बजे तक चलेगा।

जेल रोड स्थित गणेश मंडल मेंे महाराष्ट्रीयन समाज का तर्पण कार्यक्रम हुआ