पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • कोर्ट ने कांस्टेबल से कहा जमानत चाहिए तो वर्दी छोड़ो

कोर्ट ने कांस्टेबल से कहा- जमानत चाहिए तो वर्दी छोड़ो

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
क्राइमब्रांच का अफसर बनकर जनता को ठगने वाले एमजी रोड थाने के कांस्टेबल विजय विश्वकर्मा को हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि पुलिसकर्मी ही जब जनता को ठगने लगेंगे तो कैसे काम चलेगा? जमानत चाहिए तो पहले वर्दी छोड़ना होगी। इन हालातों में जमानत देना संभव नहीं है। कोर्ट ने मामले को छह सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया है।

जस्टिस टीके कौशल की बेंच में यह मामला लगा था। एरोड्रम रोड निवासी उषा पटेल ने अग्रिम जमानत पर आपत्ति ली। उनके वकील मनीष यादव ने कोर्ट में कहा पुलिस की लापरवाही के कारण आरोपी पुलिसकर्मी गिरफ्त से बाहर है। पुलिस बड़े-बड़े मामलों में खुलासा करती है, गुत्थी सुलझा लेती है, लेकिन एक पुलिसकर्मी को नहीं पकड़ पा रही। आरोपी की तरफ से कहा गया जिस घटना में विजय को आरोपी बनाया है, वह झूठा है। घटना के वक्त वह मौके पर था ही नहीं। इस पर यादव ने कहा विजय घटना से चार महीने पहले ही पुलिस सेवा में आया था। उसके बाद ही चेन खींचना, खुद को क्राइम ब्रांच का अफसर बताकर महिलाओं से गहने उतरवाने की वारदातें करने लगा। उसकी मिलीभगत का खुलासा होने के बाद से क्राइम ब्रांच का अफसर बन लोगों को ठगने के मामले सामने नहीं रहे हैं। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।