पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • भोपाल गैस त्रासदी मानवीय मशीनी गलती थी

भोपाल गैस त्रासदी मानवीय मशीनी गलती थी

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
1984की भोपाल गैस त्रासदी मानवीय और मशीनी गलती थी। यह बात सोमवार को प्रमुख सचिव श्रम एमके वार्ष्णेय ने शहर में हुई तीन दिवसीय अंतरराज्यीय औद्योगिक सुरक्षा कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मानवीय मशीनी गड़बड़ियों को सुधारना होगा। श्रम मंत्री अंतरसिंह आर्य ने कहा- भोपाल गैस त्रासदी विश्व की सबसे बड़ी दुर्घटना थी, अब कोशिश की जाना चाहिए कि इस तरह की घटना विश्व में कहीं भी नहीं हो। उन्होंने कहा- प्रदेश में 74 उद्योग दुर्घटना की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं। शासन ने कई कानूनों के जरिए औद्योगिक सुरक्षा के नए मापदंड तय किए हैं। कार्यशाला का आयोजन फिक्की, एनडीएमए, पीएनजीआरबी मप्र शासन के सहयोग से हो रहा है। कार्यशाला मंगलवार को भी होगी और बुधवार को आपदा प्रबंधन पर मॉक ड्रिल होगी।

केमिकल इंडस्ट्रीज डिजास्टर मैनेजमेंट के चेयरमैन डॉ. जेआर भारद्वाज ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान का मूल उद्देश्य देश में रासायनिक और औद्योगिक दुर्घटनाओं के प्रति जागरूक, सतर्क और संवेदनशील बनाना है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उद्योगों में कर्मचारियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एंटीडोज दवाओं की जरूरत होती है, लेकिन अधिकांश उद्योगों में यह उपलब्ध नहीं है। यह राष्ट्रीय चिंता का विषय है। पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेग्युलेटरी बोर्ड गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के चेयरमैन एस. कृष्णन ने कहा कि प्राकृतिक गैस से सबसे कम प्रदूषण होता है। लेबर कमिश्नर केसी गुप्ता ने कहा- प्रदेश में सभी के सहयोग से प्रभावी आपदा प्रबंधन पर काम हो रहा है। कार्यक्रम को फिक्की के डायरेक्टर निरंकर सक्सेना, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मध्यप्रदेश के डायरेक्टर वल्लभ केड़िया, डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट भोपाल के डायरेक्टर डॉ.राकेश दुबे अन्य ने भी संबोधित किया।