शनिवार से चालू छोड़ गए कक्षाओं के पंखे
एकहफ्ते पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के स्कूली बच्चों और शिक्षकों को ऑनलाइन संबाेधित कर बिजली बचाने से लेकर शिक्षा की गुणवत्ता सहित कई मुद्दों पर टिप्स दिए, लेकिन सरकारी स्कूलों में इस सीख पर कितना अमल किया जा रहा है यह बासवा बालक प्राथमिक शाला में रविवार को देखने को मिला। यहां शनिवार से ही स्कूल के छह कक्षों के पंखे चालू हैं। स्कूल में शिक्षक नहीं थे, लेकिन सारे दरवाजे खुले नजर आए। अंदर रखा सरकारी रिकार्ड लावारिस स्थिति में नजर आया।
इंदौर-इच्छापुर हाईवे स्थित बासवा बालक प्राथमिक शाला का निरीक्षण करने में भी शिक्षा विभाग के अफसर कभी गंभीरता नहीं दिखाते। नतीजतन शिक्षकों की सरकारी ढर्रे पर नाैकरी का क्रम जारी है। शनिवार से ही स्कूल के सारे पंखे चालू रहे। सभी खिड़की-दरवाजे खुले रहे। पिछले दिनों बासवा के ही एक अन्य स्कूल में असामाजिक तत्वों ने नोटिस बोर्ड पर बम होने की झूठी सूचना प्रदर्शित की थी। मामले में प्रधान पाठक आशाराम वर्मा से संपर्क किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला।
शनिवार को प्राथमिक स्कूल में पंखे चलने के साथ गेट भी खुला रहा।
^ऐसा होना नहीं चाहिए। जनशिक्षक से कल ही मामले की जांच कराकर लापरवाही बरतने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।^ -केएलभांवरे, बीईओबड़वाह
यह भी बरती जा रही लापरवाही
{स्कूलके पिछले हिस्से में गंदगी का अंबार लगा है। कक्षाें में बनी अलमारी में स्कूली दस्तावेज भरे पड़े हैं, जिसे कोई भी आसानी से ले जा सकता है।
{कई खिड़कियां टूट चुकी है। शरारती तत्व यहां आसानी से अंदर घुस सकते हैं। मध्यान्ह भोजन कक्ष की छत भी उखड़ चुकी है।
{स्कूल परिसर में 2-3 स्थानों पर बाथरूम सुविधाघर बने हैं, लेकिन चालू एक भी नहीं है। कुछ पर ताले डले हैं। इससे विद्यार्थियों को असुविधा होती है।